इक्विटी फंड के विभिन्न प्रकार में निवेश करें और पैसे कमाएं

इक्विटी फंड कई प्रकार (Various types of equity funds) के होते हैं जो निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर आधारित होते हैं। इक्विटी फंड वे म्यूचुअल फंड हैं जो निवेश के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए इक्विटी शेयरों में प्रमुख रूप से निवेश किये जाते हैं।

इक्विटी फंड्स में रिस्क ज्यादा होता है तो रिटर्न भी काफी ज्यादा मिलता है, इसलिए अगर आप ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते हैं और रिस्क लेने में सक्षम हैं, तो आप इक्विटी फंड के विभिन्न प्रकार में निवेश करें और पैसे कमाएं। आपको इक्विटी फंड के बारे में विस्तार से जानकर निवेश करना चाहिए।

इक्विटी फंड के विभिन्न प्रकार  (Types of Equity Fund in Hindi)

इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश का फायदा यह है कि निवेश करने के लिए आपको स्टॉक और सेक्टर चुनने की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि म्यूचुअल फंड के विभिन्न प्रकार के माध्यम से फंड हाउस अपने अनुभव के आधार पर बेस्ट इन्वेस्टमेंट सुविधा प्रदान करता है। सफल इक्विटी निवेश के लिए बहुत अधिक शोध और ज्ञान की आवश्यकता होती है।

बेशक, इस सब के लिए बहुत समय और प्रयास की आवश्यकता होती है, लेकिन आप म्यूचुअल फंड हाउस के पास जाकर इक्विटी फंड में आसानी से निवेश कर सकते हैं, आइए जानते है इक्विटी म्यूचुअल फंड के विभिन्न प्रकरों (Types of Equity Fund in Hindi) के बारे में जो आपको आपकी निवेश क्षमता के अनुसार अच्छा रिटर्न देने की योग्यता रखते है।

लार्ज कैप फंड

लार्ज कैप फंड वे फंड होते हैं जो बड़े बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में अपने कोष का एक बड़ा हिस्सा निवेश करते हैं। ज्यादातर, बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) की सूची के अनुसार शीर्ष 100 कंपनियों को लार्ज-कैप कंपनियां कहा जाता है।

अच्छी तरह से प्रबंधन और अच्छी प्रतिष्ठा के कारण इन कंपनियों में निवेश सुरक्षित या कम जोखिम भरा माना जाता है। लार्ज-कैप कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होता है। ये कंपनियां अत्यधिक प्रतिष्ठित होती हैं और पैसे कमाने का उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड रखती हैं।

मिड कैप फंड

मिड-कैप फंड वे होते हैं जो अपने कोष का एक बड़ा हिस्सा मिड-कैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करते है। बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) की सूची के अनुसार शीर्ष 100-250 कंपनियों को मिड-कैप कंपनियां कहा जाता है।

मिड कैप फंडों का मूल्य 2-10 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बाजार पूंजीकरण के बीच होता है। ये फंड निवेश पर अधिक रिटर्न देने के साथ लार्ज कैप फंड की तुलना में अधिक अस्थिर यानी उच्च जोखिम वाले होते हैं।

स्मॉल कैप फंड

स्मॉल-कैप फंड वे होते हैं जो अपने कोष का एक बड़ा हिस्सा स्मॉल-कैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करते है। बाजार पूंजीकरण के मामले में शीर्ष 250 कंपनियों को छोड़कर सभी कंपनियां स्मॉल कैप की श्रेणी में आती हैं।

जिनका बाजार पूंजीकरण मूल्य 300 मिलियन से  2 बिलियन अमेरिकी डॉलर होता है। स्मॉल-कैप फंड आमतौर पर उच्चतम जोखिम वाले होते है लेकिन लार्ज कैप व मिड कैप फंडों की तुलना में रिटर्न भी अधिक देते है।

मल्टी कैप फंड

मल्टी कैप फंड अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइज़ेशन वाली कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से संबंधित शेयरों में निवेश करते हैं, इसलिए आपको आपके पोर्टफोलियो में लार्ज-कैप, स्मॉल-कैप और मिड-कैप जैसी अलग-अलग कंपनियों में निवेश मिलेगा।

शुद्ध मिड-कैप या स्मॉल-कैप निवेश की तुलना में, मल्टी कैप फंड तुलनात्मक रूप से कम अस्थिर होते हैं और उन निवेशकों के लिए आदर्श होते हैं जो इतने जोखिम लेने में सक्षम नहीं होते हैं। ये फंड आमतौर पर अन्य प्रकार के इक्विटी म्यूचुअल फंड की तुलना में लंबी अवधि में बेहतर धन निर्माता होते हैं।

वैल्यू फंड

वैल्यू फंड वैल्यू इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी का पालन करते हैं। इस मामले में, फंड मैनेजर आमतौर पर उन शेयरों में निवेश करते है, जिनकी किमत कम होती है और भविष्य में बड़ी संभावनाएं होती हैं। वैल्यू फंड आमतौर पर लंबी अवधि के निवेश के लिए उपयोगी होते हैं।

किसी कंपनी के आंतरिक मूल्य की गणना उसके वित्तीय, व्यवसाय मॉडल, प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता, प्रबंधन टीम आदि पर विचार करके की जाती है। यदि कंपनी का बाजार मूल्य उसके आंतरिक मूल्य से कम है, तो उसे मूल्य (Value) कहा जाता है।

क्षेत्रीय (Sectoral) फंड

वे म्यूचुअल फंड जो किसी विशेष क्षेत्र में अपनी कुल संपत्ति का न्यूनतम 70-80 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सा निवेश करते है, जैसे कि बुनियादी ढांचे, फार्मास्यूटिकल्स, प्रौद्योगिकी, बैंकिंग, वित्त, रियल एस्टेट आदि को सेक्टोरल फंड के रूप में जाना जाता है। आप फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग के लाभ व फायदे भी जान सकते है।

सेक्टोरल फंड उनके बाजार पूंजीकरण, निवेश उद्देश्यों और प्रतिभूतियों के सेट के संदर्भ में अलग-अलग होते हैं। निवेशक जो बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का सामना करने के लिए तैयार हैं और बहुत अनुभवी हैं, उनके लिए सेक्टोरल फंड एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

विषयगत (Thematic) फंड

म्युचुअल फंड जो कई क्षेत्रों के शेयरों में निवेश करते हैं और एक निर्धारित विषय के इर्द-गिर्द घूमते हैं, उन्हें थीमैटिक फंड के रूप में जाना जाता है। थीमैटिक फंड अपनी संपत्ति का कम से कम 70-80% एक निर्धारित थीम के शेयरों में निवेश करने के लिए बाध्य होते हैं।

इन फंडों को विभिन्न विषयों जैसे बहु-क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय जोखिम, निर्यात-उन्मुख, ग्रामीण आदि क्षेत्रों में निवेश करने के लिए जाना जाता है। हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि थीमैटिक फंड को डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड या लार्ज कैप इक्विटी फंड की तुलना में जोखिम भरा माना जाता है।

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) एक तरह की इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम है जो मुख्य रूप से उच्च रिटर्न उत्पन्न करने के लिए इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उपकरणों में निवेश करती है। शेयर बाजार में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से ईएलएसएस बाजार में कर लाभ (Tax Benefits) के साथ आती है।

भारत में इसकी 3 साल की लॉक-इन अवधि होती है। यदि आपके पास ELSS एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) है, तो प्रत्येक किस्त में तीन साल की लॉक-इन अवधि होती है, जिसका अर्थ है कि आपकी प्रत्येक किस्त की एक अलग परिपक्वता तिथि होगी।

कॉन्ट्रा (Contra) इक्विटी फंड

कॉन्ट्रा फंड एक प्रकार के इक्विटी फंड होते हैं, जिन्हें बाजार के विपरीत दृष्टिकोण वाले म्यूचुअल फंड के रूप में वर्णित किया जाता है। ये एक निवेश योजना है जिसमें फंड मैनेजर लंबी अवधि के उद्देश्य के लिए कम कीमत वाले शेयरों में निवेश करते हैं।

इन फंडों में, स्टॉक या फंड आमतौर पर खराब प्रदर्शन करते हैं, जिससे मूल्यांकन में विकृति आती है और चतुर निवेशक उस फंड में भविष्य की योजना बनाकर अच्छा रिटर्न प्राप्त करने के लिए निवेश करते हैं।

फोकस्ड फंड्स

फोकस्ड फंड एक प्रकार का इक्विटी म्यूचुअल फंड है जो कम संख्या में शेयरों में निवेश करता है। एक फोकस्ड फंड अधिकतम 30 शेयरों में निवेश कर सकता है। फोकस्ड फंड को केंद्रित फंड या अंडर-डायवर्सिफाइड फंड के रूप में भी जाना जाता है।

फोकस्ड फंड का लक्ष्य कम संख्या में अच्छी गुणवत्ता और विकास क्षमता वाली कंपनियों में निवेश करके उच्च रिटर्न उत्पन्न करना है। आमतौर पर इन फंडों में केवल अनुभवी निवेशक ही निवेश करते हैं जो उच्च स्तर का जोखिम उठा सकते हैं।

सुझाव – किसी भी प्रकार के इक्विटी म्यूचुअल फण्ड में निवेश करने से पहले कृपया इसके बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त कर ले। इक्विटी म्यूचुअल फंड बाजार जोखिम के अधीन होते हैं, इसलिए आपको समझदारी से निवेश करना चाहिए और दूसरे लोगों की सलाह से निवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि आपकी निवेश क्षमता और जोखिम क्षमता अन्य लोगों से अलग होती है।