बिजनेस कितने प्रकार के होते हैं?

बाजार में सेक्टर और उद्योग के आधार पर बिजनेस के प्रकार अलग-अलग होते हैं। बिजनेस करना आजकल बहुत आसान है, लेकिन बिजनेस शुरू करने से पहले आपके पास बेसिक नॉलेज के साथ सीखने और मेहनत करने की काबिलियत होनी चाहिए और आपको यह पता होना चाहिए कि business kitne prakar ke hote hain ताकि आप बिजनेस इंडस्ट्री के अनुसार अच्छा परफॉर्म कर सकें।

यदि आप एक व्यवसाय शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, तो यह जानना बहुत जरूरी है कि आप किस प्रकार की व्यावसायिक संरचना का चयन करते है। आपके द्वारा चुने जाने वाले बिजनेस का प्रकार (Types of Business in Hindi) आपके निवेश और जोखिम क्षमता को प्रभावित करता है।

बिजनेस कितने प्रकार के होते हैं (Types of Business in Hindi)

आज इसमें कोई शक नहीं है कि बिजनेस से पैसा आसानी से कमाया जा सकता है लेकिन इसके लिए आपको हमेशा सीखना होगा और नए प्रयोग करते रहना होगा। व्यापार की तरह बिजनेस स्वामित्व (Business Ownership) के विभिन्न प्रकार होते है।

सही प्रकार का बिजनेस चुनना अधिक शोध व सावधानीपूर्वक मूल्यांकन का विषय है और उसकी ग्रोथ भी उसी सेक्टर पर निर्भर करती है तो आइए अलग-अलग तरह के बिजनेस या बिजनेस कितने प्रकार के होते हैं? (business kitne prakar ke hote hain) के बारे में जानते हैं।

विनिर्माण व्यवसाय (Manufacturing Business)

कच्चे माल की मदद से किसी भी उत्पाद का उत्पादन करना विनिर्माण कहलाता है और इस पूरी व्यवसायिक प्रक्रिया को विनिर्माण व्यवसाय (मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस) कहा जाता है। इसमें हर उत्पाद को कच्चे माल की मदद से एक नया रूप दिया जाता है जो हमारी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते है।

आवश्यक कच्चे माल, मशीनरी और उपकरण की खरीद के लिए प्रारंभिक चरणों में एक बड़े वित्तीय निवेश की आवश्यकता के साथ, आपको काफी समय के निवेश की आवश्यकता होती है। मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को आजकल बहुत तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस माना जाता है।

आज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर निर्भर है क्योंकि यह हमारी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पाद बनाता है और साथ ही साथ लगभग 40% लोगों को रोजगार देता है। यह बिजनेस आइडिया लगभग 40 से 200% तक के अच्छे प्रॉफिट मार्जिन के साथ अच्छी ग्रोथ भी प्रदान करता है।

थोक व्यापार (Wholesale Business or B2B Business)

थोक व्यापार को B2B बिजनेस भी कहा जाता है। यह निर्माताओं से थोक विक्रेताओं या थोक विक्रेताओं से थोक विक्रेताओं के बीच किया जाता है, यह ज्यादातर कमीशन के आधार पर या उत्पादों की बिक्री पर निर्भर करता है। इसमें सफलता के लिए आपको बिजनेस शुरू करने के लिए शुरुआती गाइडेंस की जरूरत होती है।

यह एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें किसी उत्पाद का निर्माण नहीं होता है बल्कि निर्मित उत्पादों को निर्माताओं से खरीदा जाता है और थोक में बाजार में बेचा जाता है। थोक व्यापार सभी प्रकार के व्यवसायों में सबसे अधिक लाभदायक विकल्प है। विभिन्न प्रकार के व्यवसायों में थोक बाजार और व्यवसाय का प्रमुख योगदान माना जाता है।

इस व्यवसाय में लाभ मार्जिन लगभग 20 से 100% होता है, जो उत्पादों की गुणवत्ता और मांग के अनुसार निर्धारित होता है। यह क्षेत्र बहुत अधिक रोजगार पैदा करता है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में थोक क्षेत्र यानी B2B बिजनेस का योगदान लगभग 20% माना जाता है और उतनी ही मात्रा में यह लोगों को रोजगार भी प्रदान करता है।

खुदरा व्यापार (Retail Business or B2C Business)

रिटेल बिजनेस को बी2सी बिजनेस यानी बिजनेस टू कंज्यूमर भी कहा जाता है। इस व्यापार के प्रकार में निर्माता (मैन्युफैक्चरर्स) की कोई भूमिका नहीं होती है। इस बिजनेस को करने वाला व्यक्ति थोक विक्रेताओं से अपने सामर्थ्य के अनुसार सामान खरीदता है और उन सामानों को कुछ लाभ मार्जिन के साथ अंतिम उपयोगकर्ता को बेचता है।

खुदरा व्यापार यानि B2C व्यवसाय मुख्य रूप से विकासशील देशों में पाया जाता है और इन देशों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से रिटेल बिजनेस पर निर्भर करती है, इसलिए इन देशों की सरकारें ज्यादातर B2C व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करती हैं।

इस व्यवसाय को करने वाले व्यक्ति को सामान्य भाषा में सेल्फ एम्प्लॉयड कहा जाता है। विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था की नींव मुख्यतः इसी प्रकार के व्यवसाय पर टिकी होती है। खुदरा व्यापार किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 30 से 50% का योगदान देता है और समान मात्रा में रोजगार भी पैदा करता है।

सर्विस सेक्टर बिजनेस (Service Sector Business)

सेवा क्षेत्र के व्यवसाय में सभी प्रकार की सेवाएँ शामिल हैं जिनके माध्यम से लोगों को सुविधाएं मिलती हैं और लोग पैसे के बदले बिना किसी परेशानी के अपना काम करवाते हैं। सेवा प्रधान अर्थव्यवस्था विकसित देशों की विशेषता है। अर्थशास्त्री सभी आर्थिक गतिविधियों को दो व्यापक श्रेणियों में विभाजित करते हैं 1. माल (Goods) 2. सेवाएं (Services)।

सर्विस सेक्टर में बैंकिंग, संचार, निर्यात और आयात, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, सभी व्यावसायिक सेवाएं जैसे इंजीनियरिंग, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर विकास और चिकित्सा, सभी उपभोक्ता और सरकारी सेवाएं आदि शामिल हैं।

सर्विस सेक्टर को विभिन्न प्रकार के बिजनेस में एक प्रमुख योगदानकर्ता माना जाता है जो लोगों को एक कंपनी, प्रोपराइटरशिप, फर्म या एनजीओ के रूप में सेवाएं प्रदान करते हैं। इस क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान लोगों को रोजगार देना है जो आज लगभग हर देश में 40 से 60% की विकास दर के साथ ग्रोथ कर रहा है।

हाइब्रिड बिजनेस (Hybrid or Mixed Business)

इस प्रकार के बिजनेस में एक से अधिक व्यवसाय शामिल हैं जैसे कि विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) के साथ-साथ थोक व्यापार या विनिर्माण के साथ-साथ डायरेक्ट रिटेल सप्लाई या कानूनी सलाह के साथ शिक्षा परामर्श जैसी कई सेवाएं प्रदान करना।

हाइब्रिड व्यवसाय शब्द एक ऐसे उद्यम को संदर्भित करता है जो न केवल व्यापार के पारंपरिक तरीकों का उपयोग करता है बल्कि अपने बाजार को आसानी से विस्तारित करने और उत्पादों या सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है।

ये व्यवसाय कई व्यवसायों का मिश्रण होते हैं जिनमें कमाई की संभावना बहुत अधिक होती है और रोजगार प्रदान करने की क्षमता बहुत अधिक होती है। यह बिजनेस मॉडल मैन्युफैक्चरिंग, होलसेल, रिटेल या सर्विस सेक्टर से बना है, इसलिए सीधे तौर पर यह कहना सही नहीं होगा कि यह किसी देश की अर्थव्यवस्था में बहुत योगदान देता है लेकिन यह अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में बहुत योगदान देता है।

ऑनलाइन कारोबार (Online Business)

आज टेक्नोलॉजी के कारण बजनेस करने का तरीका पूरी तरह से बदल गया है और व्यापार करने का एक नया चलन हमारे सामने आया है जिसे हम ऑनलाइन व्यापार कहते हैं। लगभग 200% ग्रोथ रेट के साथ यह बजनेस लगातार बाजार पर कब्जा कर रहा है।

पिछले 10 वर्षों में ऑनलाइन व्यापार करने का चलन लगातार बढ़ा है और भविष्य में भी इसकी ग्रोथ बहुत अधिक रहेगी। बढ़ती हुई तकनीक के प्रभाव के कारण बेस्ट ऑनलाइन बिजनेस आईडिया के माध्यम से व्यापार करने का चलन लगातार बढ़ रहा है।

आज यह Type of Business (बजनेस का प्रकार) देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है और लगातार नए रोजगार पैदा कर रहा है, जिससे बेरोजगारी की समस्या कुछ हद तक कम हुई है और जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी विकसित होती है, यह व्यवसाय नए रोजगार पैदा करता रहेगा। इससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और अंततः देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

घरेलू व्यवसाय (Home Based Business)

गृह आधारित व्यवसाय वे व्यवसाय हैं जो घर से शुरू होते हैं, घर से प्रबंधित होते हैं और केवल परिवार के सदस्यों द्वारा काम किया जाता हैं। इसे घरेलू या पारिवारिक व्यवसाय भी कहते हैं। ये व्यवसाय लगभग पारंपरिक व्यवसाय हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं लेकिन आज तकनीक की मदद से इस प्रकार के व्यवसायों की परिभाषा कुछ हद तक बदल गई है।

आज, घर आधारित व्यवसाय नई तकनीक की मदद से घर बैठे आसानी से अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। घर से काम करने की संभावना ने पिछले कुछ वर्षों में विश्वसनीयता हासिल की है और कई परंपरागत होम बेस्ड बिजनेस आइडिया ने अच्छी ग्रोथ हासिल की है।

इस प्रकार के बिजनेस अब छोटे वाणिज्यिक व्यवसायों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। गृह आधारित व्यवसाय किसी देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 10% का योगदान करते हैं और 10-15% रोजगार उत्पन्न करते हैं।

घरेलू व्यवसाय मुख्य रूप से बहुत कम निवेश के साथ शुरू होता है जैसे – मिट्टी के बर्तन बनाना, चमड़े की रंगाई करना, डिजिटल इनफ्लुएंसर्स, सिलाई कपड़े, बैग बनाना, जूते बनाना, आटा पीसना, मिठाई बनाना, प्लास्टिक के कप और प्लेट बनाना, फर्नीचर बनाना, ब्लॉगिंग जैसे बिजनेस शामिल है जो लगभग 100 से 300% रिटर्न प्रदान करते है।

निवेश व्यवसाय (Investment Business)

किसी भी बिजनेस को करने के लिए पैसों की जरूरत होती है, फिर चाहे वह होम बेस्ड बिजनेस हो या स्टार्टअप या कोई ओर बिजनेस। जो कंपनियां या कानूनी इकाईयां (Legal entities) कानूनी प्रक्रिया का पालन करके किसी व्यवसाय में निवेश करती है जिन्हें निवेशक कहा जाता है और इस पूरी प्रक्रिया को निवेश व्यवसाय कहा जाता है।

इन्वेस्टमेंट बिजनेस उन लोगों और कंपनियों को संदर्भित करता है जिनके पास बहुत अधिक पैसा है और अपने पैसे को बढ़ाने के लिए विभिन्न बिजनेस में उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निवेश करते हैं। यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 10% का योगदान देता है और समान मात्रा में रोजगार पैदा करता है।

एक व्यवसाय द्वारा दूसरे व्यवसाय में किए गए निवेश को निवेश व्यवसाय कहा जाता है जैसे एंजेल निवेशक, वेंचर कैपिटल फंड, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, स्टार्टअप फंडिंग आदि। प्रत्येक व्यवसाय को धन की आवश्यकता होती है। यह फंडिंग निवेश करने वाली कंपनी या कानूनी इकाई द्वारा प्रदान की जाती है। इसे निवेश करने वाली कंपनी या इकाई के लिए बिजनेस माना जाता है।

अपनी प्रकृति के अनुसार विभिन्न प्रकार के बिजनेस (Different types of business according to nature) होते हैं। ये बिजनेस के प्रकार क्षेत्र, उद्योग, मांग, बाजार स्थान और बहुत कुछ के आधार पर भिन्न होते हैं। आप सही व्यापार क्षेत्र चुनकर अपनी पूंजी के अनुसार अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए सबसे बड़ा बिजनेस ब्रांड बना सकते हैं।