स्टेशनरी व किताबों की दुकान का बिजनेस कैसे करें?

स्टेशनरी व किताबों का बिजनेस भारत में सदाबहार और ट्रेडिंग बिजनेस माना जाता है। अगर प्रॉफिट मार्जिन की बात की जाए तो स्टेशनरी के बिजनेस में लगभग 10% से 120% तक प्रॉफिट मार्जिन होता है और डिमांड की बात की जाए तो Stationery ka Business हमेशा हाई डिमांड वाला बिजनेस माना जाता है।

Table of Contents

अगर आप भी स्टेशनरी का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह आपके लिए अच्छी अपॉर्चुनिटी है। आप 1 महीने के अंदर प्रॉपर प्लानिंग से मार्केटिंग करके बहुत अच्छी कमाई शुरू कर सकते हैं क्योंकि भारत में पढ़ाई करने वालों की संख्या लगभग 80 करोड से भी ज्यादा है इसीलिए यहां पर रिटेल, होलसेल, बिजनेस टू बिजनेस आदि के लिए अपार संभावना है।

भारत में स्टेशनरी की डिमांड

भारत में स्टेशनरी की डिमांड हमेशा हाई रहती है। एक अनुमान के अनुसार हर वर्ष लगभग डेढ़ गुना स्टेशनरी का सामान व किताबें ज्यादा बिकती है इसीलिए इस क्षेत्र में बिजनेस की अपार संभावना है और कमाई की भी कोई लिमिट नहीं है।

भारत के हर छोटे और बड़े शहर, गांव, कस्बे, गली में छोटी व बड़ी स्टेशनरी की दुकानें मिल जाएगी इसीलिए अगर आप इसे होलसेल, रिटेल या B2B, B2C व रिटेल टू रिटेल बिजनेस के तौर पर भी करना चाहे तो आपके लिए यहां बहुत अच्छी ग्रोथ करने की संभावना है।

स्टेशनरी का बिजनेस कैसे शुरू करें? (Stationery ka Business kaise kare)

Stationery ka Business kaise kare – स्टेशनरी का बिजनेस कई तरह से किया जा सकता हैं जैसे –

  • रिटेल में
  • होलसेल में
  • B2B
  • B2C
  • रिटेल टू रिटेल

अपने बजट, योग्यता व टाइम मैनेजमेंट के अनुसार रिटेल, होलसेल, बिजनेस टू बिजनेस, बिजनेस टू कंजूमर और रिटेल टू रिटेल यह बिजनेस कर सकते हैं। हर बिजनेस में अलग लेवल की संभावना है। आप एक छोटी दुकान से लेकर के एक बड़ा स्टेशनरी शोरूम शुरू कर सकते हैं।

किताबों (स्टेशनरी) की दुकान के लिए सही स्थान का चुनाव

जैसा कि आप सभी जानते हैं बुक स्टोर या स्टेशनरी की शॉप खोलने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है – जगह, सही प्लेस का होना जहां पर ग्राहक आसानी से आएं और किताबें या अन्य स्टेशनरी का सामान खरीद सके।

स्टेशनरी की शॉप खोलने के लिए आपको स्कूल्स या कॉलेज के आस-पास ही जगह देखनी होगी क्योंकि वहां पर आसानी से विद्यार्थी आ जाते हैं जिससे आपको जल्दी ही अच्छी कमाई होगी। अन्यथा कहीं और दुकान खोलने के कारण जल्दी ग्राहक नहीं मिल पाएंगे इसलिए कोशिश करें की आप ऐसी जगह ढूंढे जहां कोई कॉचिंग, स्कूल या कॉलेज हो।

स्टेशनरी स्टोर का किराया कितना होता है?

  • गांव में ₹ 2,000-10,000
  • छोटे शहर में ₹ 4,000-40,000
  • बड़े शहर में ₹ 10,000-2,00,000

किताबें किस प्रकार की रखें?

आज के समय में हर प्रकार की किताबे मौजूद है लेकिन यह एक अहम सवाल है कि आपको किस प्रकार की किताबे रखनी है। यदि आप किसी स्कूल या कॉलेज के आस-पास अपना बुक स्टोर खोलते हैं तो उस कॉलेज या स्कूल में चलने वाली किताबें रख सकते हैं। इससे आपकी शॉप जल्दी ग्रो होने लगेगी और स्टेशनरी का सभी सामान रखिए जैसे – इरेजर, कटर, ज्योमेट्री बॉक्स, स्केल, पेंसिल, पेन, नोटबुक, थर्माकोल, चार्ट पेपर, मार्कर, स्कैच पेन, गोंद, फेविकोल, टेप, रंगबिरंगी टेप आदि।

इन सभी समानों तथा किताबों के अलावा आप मैगजीन, नोबेल, एडवेंचर बुक्स, रेसिपी बुक्स, मेकअप टिप्स बुक, सांस्कृतिक किताबें, कहानियों की किताबे आदि रख सकते हैं। दोस्तों आप पुरानी किताबे भी रख सकते हैं क्योंकि बहुत से लोगों को पुरानी किताबें खरीदना भी पसंद होता है। पुरानी किताबें आप अपने ग्राहकों से ही खरीदकर अन्य ग्राहकों को बेच सकते हैं।

बुक स्टोर के लिए आवश्यक फर्नीचर

किताबों की दुकान खोलने के लिए आपको किताबें रखने के लिए कुछ फर्नीचर की भी आवश्यकता होगी जिससे की दुकान में किताबों को सही प्रकार से रखा जा सके।

आपको लकड़ी की अलमारी (सेल्फ) बनवाने होंगें जिस पर किताबें और कॉपियां रखी जा सके, इन बुक सेल्फो को ऐसा बनवाएं जिससे की अधिक किताबें आए और ग्राहकों को देखने में भी आसानी हो और यदि आपका बजट है तो आप सभी अलमारियों में लाइट लगवा सकते हैं।

इसके अलावा, आप को अच्छा-सा काउंटर बनवाना है और इसे आप ट्रांसपेरेंट बनवा सकतें हैं मतलब काउंटर को ऊपर से ढकने के लिए लकड़ी का प्रयोग न करके बल्कि कांच का प्रयोग करे और उसके अंदर किताबें रखें, ऐसी किताबे रखे जिसे पढ़ने के लिए सभी लोग रुचि रखें।

स्टेशनरी बिजनेस के महत्वपूर्ण प्रश्न (Stationery Business FAQ)

स्टेशनरी की दुकान शुरू करने के लिए कितने पैसे लगेंगे?

किताबों की दुकान शुरू करने के लिए आप अपने बजट के हिसाब से निवेश कर सकते हैं लेकिन, स्टेशनरी या किताबों की दुकान शुरू करने के लिए कम से कम आपके पास 40-80 हजार रूपए होने चाहिए।

इस काम की शुरुआत करने के बाद जैसे-जैसे आपकी इनकम होने लगेगी आप अपनी शॉप को बढ़ा सकते हैं। यदि आपका बजट है तो आप शुरू में ही दुकान को बड़े पैमाने पर खोल सकते हैं। पांच से दस लाख रुपए लगाकर दुकान को अच्छे लेवल पर खोला जा सकता है।

स्टेशनरी दुकान की सेल्स को कैसे बढ़ाएं?

आपका किसी भी प्रकार का बिज़नेस हो आपको इस बात को जरूर याद रखना चाहिए और अप्लाई करना चाहिए कि आपका ग्राहक ही आपका सब कुछ है। आपको हमेशा अपने ग्राहक से अच्छे तरीके से बात करनी है कभी भी किसी ग्राहक से लड़ाई या किसी भी प्रकार की बदतमीजी नहीं करनी है। इस बात से बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है।

दूसरी बात, आप स्कूल या कॉलेज वाले से कॉन्टैक्ट करके उनके बताए हुए प्रकाशन की किताबे अपनी दुकान पर रख सकते हैं। इसमें आपको कुछ कमीशन स्कूल वालो को देना होगा।

तीसरा, आप विद्यार्थियों को बुक या अन्य किसी सामान पर डिस्काउंट दे सकते है और आप एक अन्य काम ये कर सकते हैं कि अपनी दुकान के नाम का लोगों बनवा लीजिए और प्रत्येक किताब पर उसको लगा दीजिए इससे आपका प्रमोशन होगा, ज्यादा लोग आपकी दुकान के बारे में जान पाएंगे और इसकी सहायता से आप की सेल भी बढ़ेगी ।

स्टेशनरी बिजनेस की मार्केटिंग कैसे करें?

स्टेशनरी व किताबों के बिजनेस की ऑफलाइन या ऑनलाइन मार्केटिंग कर सकते हैं। हमारी सलाह के अनुसार आप अगर छोटे लेवल से रिटेल में यह बिजनेस करना चाहते हैं तो ऑफलाइन मार्केटिंग की तरफ जाए और यदि आप होलसेल में यह बिजनेस करना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन मार्केटिंग की तरफ जाए।

स्टेशनरी बिजनेस में कितना लाभ होता है?

स्टेशनरी बिजनेस में 10% से 120% तक प्रॉफिट मार्जिन यानी लाभ होता है। यह व्यापार सदाबहार होने के कारण हमेशा हाई डिमांड में रहता है और प्रॉफिट मार्जिन के हिसाब से एक शानदार बिजनेस मॉडल माना जाता है।

  • रिटेल में लाभ – 20% से 120% तक
  • होलसेल में – 20% से 60%
  • B2B – 10% से 50%
  • B2C – 20% से 80%
  • रिटेल टू रिटेल – 20% से 100%

स्टेशनरी का काम कैसे शुरू करें?

स्टेशनरी का काम आप ऑनलाइन या ऑफलाइन शुरू कर सकते हैं। अगर आप इस काम को छोटे स्तर से शुरू करते हैं यानी जब तक आपका सालाना टर्नओवर ₹20 लाख से ज्यादा नहीं है तब तक आपको कोई रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। अगर आप होलसेल में यह बिजनेस करना चाहते हैं तो आपको GST नंबर लेना होगा और जरूरत पड़ने पर कंपनी या फॉर्म का रजिस्ट्रेशन भी करवाना पड़ सकता है।

स्टेशनरी की दुकान को हिंदी में क्या कहते हैं?

स्टेशनरी की दुकान को हिंदी में “लेखन सामग्री की दुकान” कहा जाता है, जहां सामान्य स्टेशनरी, प्रिंटिंग स्टेशनरी और कंप्यूटर स्टेशनरी के सामान के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की किताबें भी उपलब्ध होती हैं।

क्या स्टेशनरी बिजनेस का रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है?

अगर आप स्टेशनरी का बिजनेस होलसेल में शुरू करते हैं तो GST रजिस्ट्रेशन नंबर लेना जरूरी है। अगर आप रिटेल में स्टेशनरी का बिजनेस शुरू करते हैं या कोई छोटी दुकान या स्टोर खोलते हैं तो आपको किसी भी तरह के रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। लेकिन, जब आपका वार्षिक कारोबार 20,00,000 रुपये से अधिक हो जाता है तो आपको जीएसटी नंबर प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।