Startup क्या है और ज्यादातर स्टार्टअप के असफल होने के कारण

आजकल स्टार्टअप शब्द बहुत ट्रेंडिंग में चल रहा है, इसलिए आपको स्टार्टअप क्या है (Startup kya hai), स्टार्टअप कंपनी क्या होती है, यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्या होते है? और ज्यादातर स्टार्टअप के असफल होने के कारण (Reasons why most Startups Fail) के बारे में जानना बहुत जरूरी है।

स्टार्टअप क्या है? (Startup kya hai)

स्टार्टअप एक बिजनेस मॉडल है जिसमें एक उद्यमी नए बिजनेस आइडिया के माध्यम से लोगों की समस्याओं को हल करने की कोशिश करता है। स्टार्टअप एक उद्यम है जो महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसरों को खोजनें के लिए पूर्ण क्षमता के साथ शुरू किया जाता है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम करता है।

यह एक उद्यमी द्वारा शुरू किया गया प्रोजेक्ट है जिसे प्रभावी ढंग से अपना कर एक बड़े बिजनेस का रूप दिया जाता है। इसमें आप किसी नये आइडिया पर काम कर सकते है या परम्परागत बिजनेस को टेक्नोलॉजी के माध्यम से नये रूप में प्रस्तुत करके एक स्टार्टअप शुरू कर सकते है।

स्टार्टअप एक नई कंपनी होती है जिसकी स्थापना एक या अधिक उद्यमियों द्वारा मिलकर विशेष उत्पाद विकसित करने या सेवा प्रदान करने के लिए की जाती है। स्टार्टअप का मुख्य उद्देश्य एक नए बिजनेस आइडिया पर काम करना और बाजार में अपने उत्पाद या सेवाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में बदलाव लाना या सरल बनाना होता है।

स्टार्टअप कंपनी क्या है? (What is a Startup Company)

एक स्टार्टअप कंपनी आमतौर पर नई और विकास की शुरूआती अवस्था वाली कंपनी होती है। ये उद्यमिता आमतौर पर 1-5 व्यक्तियों द्वारा मिलकर शुरू की जाती है जो अपने उत्पाद, सेवा या प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार की मांग को पूरा करने पर ध्यान देती है।

यह एक ऐसा संगठन है जो किसी नए या इनोवेटिव आइडिया पर काम करता है जिसे पहले कभी नहीं किया गया होता है और जिसके माध्यम से दुनिया में बहुत बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

यह बिजनेस बहुत गतिशील होते है और ये हमेशा प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए तैयार रहते है। छोटे व्यवसाय हमेशा के लिए छोटे रह सकते है, लेकिन एक स्टार्टअप छोटा रहना पसंद नहीं करता सकता। ये बहुत तेजी से पूरे बाजार पर अपनी पकड़ बनाना चाहते है।

यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्या होते है? (What is a Unicorn Startup?)

  • वह Startup जिनकी मार्केट वैल्यू US$ 1 बिलियन या ज्यादा होती है वह स्टार्टअप यूनिकॉर्न कहलाता है।
  • यूनिकॉर्न शब्द प्राइवेट स्टार्टअप के संबंध में प्रयोग किया जाता है। इसका मुख्य रूप से प्रयोग वेंचर कैपिटल (Venture capital) और Investment Industry में किया जाता है।
  • जिस स्टार्टअप कंपनी की मार्केट वैल्यू US$ 1 बिलियन से ज्यादा होती है, वह यूनिकॉर्न स्टार्टअप कंपनी कहलाती है।
  • जिस स्टार्टअप कंपनी की मार्केट वैल्यू US$ 10 बिलियन से ज्यादा होती है, वह Decacorn स्टार्टअप कंपनी कहलाती है।
  • जिस स्टार्टअप कंपनी की मार्केट वैल्यू US$ 100 बिलियन से ज्यादा होती है, वह  Hectocorn  स्टार्टअप कंपनी कहलाती है।

ज्यादातर स्टार्टअप के असफल होने के कारण (Reasons why most Startups Fail)

स्टार्टअप्स नए या इनोवेटिव आइडिया पर काम करते है, इसलिए यहां बहुत प्रयास और मेहनत करनी पड़ती है और कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

एक उद्यमी को सोचना पड़ता है कि क्या मैं एक स्टार्टअप शुरू कर सकता हूं? और पूरी प्लानिंग बनाकर अपने स्टार्टअप की शुरुआत करनी पड़ती है।

एक सफल स्टार्ट-अप आमतौर पर लोगों की समस्याओं को हल करना चाहता है और दुनिया को अपनी सेवाओं के माध्यम से बेहतर बनाना चाहता है।

हालांकि, अधूरी प्लानिंग और जल्दबाजी के कारण ज्यादातर स्टार्टअप फेल हो जाते है लेकिन कुछ स्टार्टअप जो बहुत कम निवेश में शुरू किए गए थे और आज बहुत बड़े बिजनेस ब्रांड में बदल गए है जैसे Microsoft, Ford Motors, McDonald’s, Google, Amazon, Flipkart, Byju’s.com, आदि।

Startup में अगर पूरी प्लानिंग से काम नहीं किया जाए तो असफल होने की सम्भावना बढ़ जाती है। आज ज्यादातर स्टार्टअप बिना तैयारी और बिना प्लानिंग के शुरूआत कर देते है जिसके कारण शुरूआती 1-2 वर्षों में ही लगभग 90% स्टार्टअप असफल हो जाते है। आइए जानते हैं ज्यादातर स्टार्टअप्स के फेल होने के कारणों के बारे में:

  • किसी परम्परागत बिजनेस को शुरू करना जिसमें बिल्कुल भी अनुभव नहीं है।
  • स्टार्टअप को शुरू करने के लिए प्रॉपर तैयारी या प्लानिंग नहीं करना।
  • किसी से स्टार्टअप के बारे में सुना और आत्मविश्वास या मोटिवेशन में शुरू कर देना।
  • स्टार्टअप को शुरू करने के बाद जल्दी रिजल्ट प्राप्त करने की लालसा रखना।
  • सोच समझकर निर्णय नहीं करना।
  • लगातार प्रयास और मेहनत नहीं करना।
  • एक-दो बार असफल हो जाने पर हार मान लेना।
  • धैर्य नहीं रखना।
  • नेतृत्व की कमी के कारण ज्यादातर स्टार्टअप फेल हो जाते है।
  • सही टीम का नहीं मिलना।
  • मैनेजमेंट की कमी।
  • पूंजी की कमी।
  • ज्ञान या अनुभव की कमी।

स्टार्टअप शुरू तो हर कोई कर सकता है और आज के जमाने में हर कोई अपने आपको Entrepreneur कहता है लेकिन इसको शुरू करने के लिए किस तरह से प्लानिंग की जाती है, क्या-क्या रिस्क फैक्टर होते है, कितनी मेहनत करनी पड़ती है, कितना धैर्य रखना पड़ेगा, इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखना वे लोग भूल जाते है। इसलिए 90% स्टार्टअप शुरूआती एक-दो वर्ष में असफल हो जाते है।

आज, हर बिजनेस या स्टार्टअप के लिए बिजनेस नैतिकता का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है, यदि वह इसका पालन नहीं करता है, तो निश्चित रूप से असफल होगा। आप स्टार्टअप और बिजनेस में अंतर के बारे में जान सकते है।

प्रत्येक उद्यमी की यह जिम्मेदारी है कि वह कोई भी कार्य करे, वह समाज के हित में हो और समाज द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करें। व्यावसायिक नैतिकता व्यवसायों को अच्छी वृद्धि प्राप्त करने में मदद करती है।

स्टार्टअप शुरू करना कोई बड़ी बात नहीं है। आप, मैं और हर कोई शुरू कर सकता है लेकिन उसको लंबे समय तक बनाए रखना, यह बड़ी बात है। इसके लिए मेहनत करनी पडती है और धैर्य रखना पडता है।

आइए, हम सभी मिलकर इस दुनिया को स्टार्टअप के माध्यम से कुछ नया प्रदान करते है और लगभग 70% गरीब दुनिया को कुछ हद तक गरीबी से मुक्त कराने का प्रयास करते है।  ऐसा आप और मैं अकेले नहीं कर सकते, यह काम हम सभी मिलकर कर सकते है।