स्टार्टअप फंडिंग कहां से प्राप्त करें व कहां से मिलेगी?

स्टार्टअप शुरू करने से पहले आपके दिमाग में यह प्रश्न जरूर आता होगा कि स्टार्टअप फंडिंग कहां से प्राप्त करें, हमें स्टार्टअप फंडिंग कहां से मिलेगी और कैसे? तो हम इस प्रश्न का उत्तर आपको इस पोस्ट में बता रहे हैं।

अधिकांश स्टार्टअप के लिए फंडिंग खुद की बचत से आती है लेकिन फिर भी अगर आपके पास एक बेहतरीन बिजनेस प्लान है तो आप विभिन्न फंडिंग कंपनियों और व्यक्तियों से Startup Funding प्राप्त कर सकते हैं।

स्टार्टअप फंडिंग कहां से प्राप्त करें व Startup Funding कहां से मिलेगी?

शुरुआती स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग कहां से लाएं यह एक बड़ा सवाल है, लेकिन अगर आप अच्छे स्टार्टअप आइडिया के साथ-साथ उचित प्लानिंग के साथ तैयारी करते हैं, तो आप आसानी से विभिन्न प्लेटफॉर्म से स्टार्टअप फंडिंग प्राप्त कर सकते हैं।

स्टार्टअप फंडिंग कैसे प्राप्त करें और क्या नए स्टार्टअप्स को फंडिंग प्राप्त करनी चाहिए? इन प्रश्नों के उत्तर भी आपको पता होना चाहिए तभी आप पूरी प्लानिंग के साथ स्टार्टअप फंडिंग उठाने में सक्षम होंगे।

आइए, स्टार्टअप फंडिंग कहां से प्राप्त करें? (Where to get startup funding in Hindi) और Startup Funding कहां से मिलेगी? के बारे में जानते हैं। आप यहां से अपने स्टार्टअप के लिए शुरुआती पैसे प्राप्त कर सकते हैं और अच्छी ग्रोथ प्राप्त कर सकते हैं।

सेल्फ-फंडिंग (Self-Funding)

अधिकांश स्टार्टअप या व्यवसाय जिनके पास अधिक अनुभव नहीं है या नए हैं, कुछ समय के लिए स्वयं की बचत या किसी से उधार लेकर स्टार्टअप शुरू करते हैं, ताकि उन पर कोई वित्तीय दबाव न हो और बिना दबाव के निर्णय लें सके।

शुरुआती दौर में, निवेशक नए स्टार्टअप्स पर भरोसा नहीं करते हैं, इसलिए ज्यादातर मामलों में स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करने के लिए सेल्फ-फंडिंग ही एकमात्र तरीका है। 90% नए स्टार्टअप को सेल्फ-फंडिंग से शुरू करना पड़ता है क्योंकि नए स्टार्टअप पर निवेशक विश्वास नहीं करते है।

हमारे अनुसार आपको शुरूआती स्तर पर सेल्फ-फंडिंग से शुरुआत करनी चाहिए क्योंकि इससे आप और आपके स्टार्टअप पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा। आपको किसी भी प्रकार की हड़बड़ी नहीं करनी चाहिए क्योंकि व्यवसाय को सफल होने और एक विशेष स्तर प्राप्त करने में समय लगता है।

मित्रों और परिवार से फंड प्राप्त करना

आप अपने स्टार्टअप या व्यवसाय के लिए अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों से धन प्राप्त कर सकते हैं और इसके बजाय आप उन्हें उस स्टार्टअप या व्यवसाय में एक विशेष शेयर (हिस्सा) दे सकते हैं। स्टार्टअप फंडिंग पाने के लिए नए स्टार्टअप के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

दोस्त और परिवार के सदस्य आपके बारे में जानकार होते हैं और आपके व्यवहार को अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए यहां से बिजनेस फंडिंग या स्टार्टअप फंडिंग आसानी से मिल जाती है।

यह आपके, दोस्तों और परिवार के सदस्यों के लिए फायदेमंद होगा। आप और आपके रिश्तेदार और दोस्त उस व्यवसाय में भागीदार होंगे। यह प्रबंधन और निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ाएगा।

क्राउड फंडिंग (Crowd Funding)

क्राउड फंडिंग में आपको विभिन्न लोगों से स्टार्टअप फंडिंग मिलती है जो अपनी निवेश क्षमता के अनुसार स्टार्टअप में योगदान करते हैं। क्राउड फंडिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त की जा सकती है।

ऑफलाइन दुनिया में हमें अलग-अलग लोगों से थोड़ी-थोड़ी राशि में फंड मिलता है वही अब, हम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अलग-अलग लोगों से छोटी-छोटी राशि में फंड इकट्ठा करते हैं।

क्या मैं एक स्टार्टअप शुरू कर सकता हूं?

इन दोनों प्रक्रियाओं को क्राउड फंडिंग कहा जाता है, लेकिन आज ऑनलाइन फंडिंग प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती जा रही है क्योंकी यह सरल और आसान प्रक्रिया है।

आप क्राउड फंडिंग को सोशल मीडिया या क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

स्टार्टअप या बिजनेस के लिए क्राउड फंडिंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है। विभिन्न लोग क्राउड फंडिंग के जरिए स्टार्टअप में अपना पैसा लगाते हैं। स्टार्टअप्स को बड़ी संख्या में निवेशकों को शेयर नहीं देने पड़ते है इसलिए स्टार्टअप का पूरा नियंत्रण आपके हाथ में रहता है और प्रबंधन बहुत सख्त होता है इसलिए आपके स्टार्टअप का प्रदर्शन अच्छा रहने की संभावना बढ़ जाती है।

सरकारी योजनाओं से फंडिंग

सरकार व्यवसायों या स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लेकर आती है। ये योजनाएं अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकती हैं। आप इन योजनाओं से धन प्राप्त कर सकते हैं।

इस फंडिंग को प्राप्त करने के लिए सरकारी नियमों और विनियमों के अनुसार कानूनी कागजात की प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

किसी सरकारी योजना के तहत स्टार्टअप फंडिंग या बिजनेस फंडिंग प्राप्त करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, इन योजनाओं के माध्यम से कम ब्याज दर और कम कागजी कार्रवाई पर धन प्राप्त हो जाता है।

सरकार समय-समय पर नए बिजनेस आइडिया या स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लेकर आती है, आपको इन योजनाओं की जानकारी लेनी होगी और फंडिंग के लिए आवेदन करना होगा।

बैंकों और एनबीएफसी से फंडिंग

आप बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों या संस्थानों (Banks and NBFCs) से धन प्राप्त कर सकते हैं। बैंक या एनबीएफसी स्टार्टअप्स में डायरेक्ट निवेश कर सकते हैं या लोन के रूप में फंडिंग दे सकते हैं।

आपको फंडिंग के लिए बैंकों और एनबीएफसी को स्टार्टअप या बिजनेस की योजनाएं दिखानी होंगी और जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे ताकि आपको स्टार्टअप फंडिंग आसानी से मिल सके। इसके लिए आपको भारत के टॉप 5 बेस्ट सरकारी व प्राइवेट बैंक की जानकारी होनी चाहिए।

आपको ऋण देने के लिए बैंकों और NBFCs को पूरी तरह से संतुष्ट करना होगा और उन्हें आश्वस्त करना होगा कि यह स्टार्टअप भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करेगा और अच्छा रिटर्न देगा।

यदि व्यवसाय नया है, तो सबसे पहले वे धन देने से मना कर सकते हैं या कोई सुरक्षा मांग सकते हैं या तीसरे पक्ष से कोई गारंटी मांग सकते हैं। स्टार्टअप फंडिंग के लिए आपको इन मांगों को पूरा करना पड़ सकता है।

सरकारी लोन (Government Loans) से फंडिंग

आप व्यवसाय के लिए सरकारी ऋण के माध्यम से धन प्राप्त कर सकते हैं। सरकार स्टार्टअप या व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज दर और कम कागजी कार्रवाई पर ऋण प्रदान करती हैं।

सरकारें समय-समय पर व्यापार या स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई ऋण योजनाएं लेकर आती हैं। आपको इन योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करनी होगी और स्टार्टअप फंडिंग के लिए आवेदन करना होगा।

सरकारी योजनाओं के तहत धन प्राप्त करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि कभी-कभी सरकार पूरी ऋण राशि माफ कर देती है और कभी-कभी पूरी ब्याज राशि माफ कर देती है।

इनक्यूबेटर से फंडिंग (Funding from Incubators)

इन्क्यूबेटर (Incubators) एक ऐसी कंपनी है जो नए स्टार्टअप को शुरुआती चरण में ऑफिस सेटअप, इंफ्रास्ट्रक्चर, कानूनी और प्रबंधकीय सहायता, मेंटरशिप, फास्ट इंटरनेट और बाजार में नए स्टार्टअप को बनाए रखने और आसानी से प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए सही मार्गदर्शन प्रदान करती है।

एक नए स्टार्टअप के विकास में इनक्यूबेटर्स की बड़ी भूमिका होती है क्योंकि यह स्टार्टअप फंडिंग प्राप्त करने में आवश्यक सुविधाएं और सहायता प्रदान करते है। इनक्यूबेटर स्टार्टअप और निवेशकों के बीच मध्यस्थ होते हैं।

आप Incubators से Startup Funding प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन शुरूआती स्तर पर आपको काफी प्रयास करने पड़ सकते हैं। स्टार्टअप या बिजनेस का प्लान विस्तार से बताना होगा।

आपको इन्क्यूबेटरों को समझाना होगा कि यह स्टार्टअप अच्छा प्रदर्शन करेगा और यह बहुत तेजी से बाजार में ग्रो कर सकता है और भविष्य में अच्छा रिटर्न दे सकता है।

इन सभी सुविधाओं के बदले में, ये इनक्यूबेटर स्टार्टअप में कुछ प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं और जैसे ही स्टार्टअप बड़ा हो जाता है या बाजार के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेता है, ये इनक्यूबेटर अपनी हिस्सेदारी बेच देते हैं या उस स्टार्टअप में बने रहते हैं।

एंजेल इन्वेस्टर्स से फंडिंग

एंजेल इन्वेस्टर वह व्यक्ति है जो स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण में फंडिंग प्रदान करता है और स्टार्टअप या बिजनेस में इक्विटी के रूप में अपने शेयर हासिल करता है।

Angel Investors शुरुआती दौर में फंडिंग मुहैया कराते हैं, इस वजह से जोखिम बहुत ज्यादा रहता है, इसलिए ये स्टार्टअप्स में ज्यादा शेयरों की मांग करते हैं।

अगर आप एंजेल निवेशक की तरह अच्छा पैसा कमाना चाहते हैं और बाजार का ज्ञान नहीं है तो आप लार्ज कैप फंड में निवेश कर सकते हैं जो सभी निवेशकों के लिए अच्छे है।

जिस व्यक्ति के पास सरप्लस या अतिरिक्त पैसा होता है और स्टार्टअप में निवेश करने के लिए उत्सुक होता है उसे एंजेल इन्वेस्टर कहा जाता है। यह व्यक्ति आप, आपके रिश्तेदार या किसी कंपनी का मालिक या कोई भी हो सकता है।

ये लोग अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखते हैं और अच्छी जानकारी रखते हैं, इसलिए निवेश करने से पहले ये उस स्टार्टअप के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करते है और पूरी तरह संतुष्ट होने पर ही निवेश करते हैं।

वेंचर कैपिटल फंड से फंडिंग

वेंचर कैपिटल फंड (Venture Capital Fund) ऐसे फंड होते हैं जिन्हें पेशेवर रूप से प्रबंधित किया जाता है और उच्च विकास वाले स्टार्टअप में निवेश किया जाता है।

वेंचर कैपिटल फंड एक कंपनी या संगठन है जो अलग-अलग लोगों से फंड इकट्ठा करते है और उस फंड को हाई-ग्रोथ स्टार्टअप या बिजनेस में निवेश करते है।

ये एंजेल इन्वेस्टर की तरह शुरुआती दौर में स्टार्टअप में निवेश नहीं करते हैं। ये स्टार्टअप्स का पूरा विश्लेषण करते हैं और तभी निवेश करते हैं जब उन्हें उस स्टार्टअप में अच्छी ग्रोथ या स्केलेबिलिटी नजर आती है।

वेंचर कैपिटल फंड्स का मुख्य फोकस मार्केट स्केलेबिलिटी है। इनका निवेश का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप को स्केलेबल बनाना और जल्दी से पूरे बाजार को कवर करना होता है।

जैसे ही बाजार मूल्य अधिक होता है और बाजार में उस स्टार्टअप की अच्छी ग्रोथ होती है, ये उस स्टार्टअप के अपने शेयरों को बेचकर बाहर निकल जाते हैं।

वेंचर कैपिटल फंड कंपनियां बहुत ही अनुभवी होती है लेकिन अगर आप उनकी तरह स्टॉक मार्केट में काम करना चाहते हैं तो आपको वॉरेन बफेट की सबसे बड़ी निवेश गलतियाँ जानकर निवेश करना चाहिए।

ये फंड पेशेवर फंड हैं और इनकी अलग-अलग टीमें हैं जैसे फंड मैनेजमेंट, स्टार्टअप वैल्यूएशन और एनालिसिस आदि इसलिए स्टार्टअप्स को पूरी तरह से विश्लेषण और वैल्यूएशन करने के बाद फंडिंग प्रदान की जाती है।

आप ऊपर बताए गए विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से स्टार्टअप फंडिंग प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपका स्टार्टअप आइडिया अच्छा है और आपकी पूरी तैयारी है तो आपको यहां से आसानी से स्टार्टअप फंडिंग मिल जाएगी और आप अपने नए स्टार्टअप आइडिया को अच्छी तरह से इंप्लीमेंट कर पाएंगे और ग्रोथ करते हुए अपनी और लोगों की विभिन्न समस्याओं का समाधान कर पाएंगे।