स्टार्टअप और बिजनेस में क्या अंतर है? | स्टार्टअप vs बिजनेस

अक्सर देखा गया है कि स्टार्टअप और बिजनेस को एक ही माना जाता है, लेकिन स्टार्टअप और बिजनेस की तुलना करने पर इन दोनों में कई अंतर होते हैं, जिनके बारे में हम इस ब्लॉग पोस्ट के जरिए जानकारी प्राप्त करेंगे।

स्टार्टअप एक नए आईडिया पर काम करता है जहाँ बहुत अधिक जोखिम होता है वही व्यवसाय एक पारंपरिक रास्ता अपनाकर आगे बढ़ता है जहाँ बहुत कम जोखिम होता है।

आज के समय में हर कोई स्टार्टअप या बिजनेस करना चाहता है और समाज को सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करना चाहता है लेकिन शुरू करने से पहले आपको स्टार्टअप बनाम बिजनेस (Startup vs Business) और इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में पता होना चाहिए। तो आइए जानते हैं स्टार्टअप और बिजनेस की तुलना करते हुए इनमें विभिन्न अंतरों के बारे में।

स्टार्टअप vs बिजनेस (Startup vs Business)

स्टार्टअपबिजनेस
स्टार्टअप वह बिजनेस मॉडल है जिसमें कोई उद्यमी लोगों की समस्याएं इनोवेटिव और नए आइडिया के माध्यम से हल करने का प्रयास करता है जैसे ऑनलाइन पैसों का ट्रांसफर।बिजनेस वह मॉडल है जिसमें कोई उद्यमी परम्परागत या वर्तमान तरीके से लोगों को अपनी बेस्ट सेवा प्रदान करता है जिसमें बहुत कम जोखिम होता है जैसे किराने की दुकान।
स्टार्टअप का मुख्य उद्देश्य लोगों की जिन्दगी को सरल बनाना और उन्हें सुविधा प्रदान करना होता है।बिजनेस का मुख्य उद्देश्य पहले दिन से ही पैसे कमाना होता है।
स्टार्टअप में नये या Innovative Ideas पर काम किया जाता है।बिजनेस  में बाजार में पहले से मौजूद आइडिया पर काम किया जाता है।
स्टार्टअप में मेहनत बहुत ज्यादा करनी पड़ती है और कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।यहां अपेक्षाकृत कम मेहनत मे काम चल जाता है।
स्टार्टअप में सब कुछ नया होता है इसलिए पूरी तैयारी और प्लानिंग के बिना सफलता नहीं मिलती है।बिजनेस में बने बनाए रास्ते पर चलकर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
यहां रिस्क (Risk) बहुत रहती है। 90% असफल होने की सम्भावना रहती हैं।यहां रिस्क कम रहती हैं ज्यादातर बिजनेस थोड़ी सी मेहनत के साथ सफल हो सकते है।
यहां शुरूआत में ग्रोथ धीमी होती है और समय के साथ स्टार्टअप तेजी से ग्रोथ करता है।बिजनेस में ग्रोथ लगभग समानान्तर होती है।
स्टार्टअप में बिजनेस की तुलना में पूंजी की जरूरत कम होती है। अगर आइडिया अच्छा है तो कभी-कभी न के बराबर पूंजी से काम बन जाता हैं।बिजनेस करने के लिए अलग-अलग इंडस्ट्री के अनुसार एक फिक्स अमाउंट की जरूरत होती है।
स्टार्टअप तेजी से ग्रोथ करने पर फॉकस करता है और पैसे कमाने के बारे में बाद में सोचता है।बिजनेस की ग्रोथ एक विशेष क्षेत्र तक सीमित रहती है और शुरू से ही फॉकस पैसा कमाने पर होता है।
स्टार्टअप का फॉकस Globally विस्तार करने पर रहता है।बिजनेस का फॉकस एक विशेष क्षेत्र या समुदाय तक विस्तार करने पर रहता है।
बिना टेक्नोलॉजी के एक स्टार्टअप अधूरा माना जाता है।बिजनेस बिना टेक्नोलॉजी के अच्छी ग्रोथ कर सकता है।
जब कोई स्टार्टअप तेजी से ग्रोथ करने लगता है तब इसका टर्नओवर बहुत कम समय में अरबों रुपए का हो जाता है जैसे Amazon, Microsoft आदि।बिजनेस को अरबों रुपए का टर्नओवर करने के लिए बहुत लम्बा समय लगता है जैसे – Reliance, TATA Motors आदि।  

आप अपने आसपास की विभिन्न समस्याओं को ऑब्जर्वर करके टेक्नोलॉजी की मदद से एक स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं और इसे एक बड़े बिजनेस ब्रांड के रूप में स्थापित कर सकते हैं। बस, आपको सही दिशा में शुरुआत करने की आवश्यकता है।

हां, किसी भी स्टार्टअप या बिजनेस को आज के इस डिजिटल युग में बिलियंस यानी अरबों ₹ के टर्नओवर में 5 से 10 साल के भीतर बदला जा सकता है।

लेकिन, इसके लिए आपको पूरी प्लानिंग करनी होगी और बाजार की आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ना होगा। पूरी प्लानिंग से शुरू किया गया स्टार्टअप बहुत ही कम समय में अच्छी ग्रोथ हासिल कर सकता है।

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