स्क्रीनप्ले राइटर बनकर करें अपने करियर की शुरुआत

विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 4.5 बिलियन डॉलर से अधिक का भारतीय फिल्म उद्योग वर्तमान में अच्छे स्क्रीनप्ले या स्क्रिप्ट लेखकों की कमी से गुजर रहा है। भारतीय फिल्म उद्योग को अच्छे पटकथा या स्क्रीनप्ले लेखकों की जरूरत है।

अगर आपमें पटकथा लिखने की काबिलियत है तो आपको इस क्षेत्र में ऊंचाइयों तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। यह आपकी प्रतिभा और कौशल पर निर्भर करता है कि आप इस क्षेत्र में कितना आगे जा सकते हैं।

अगर मोटे तौर पर देखा जाए तो यहां बॉलीवुड और 10 से अधिक क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों में मुश्किल से 2-3 हजार से अधिक पटकथा लेखक काम कर रहे हैं। ऐसे में एक अच्छे स्क्रीनप्ले राइटर की अहमियत बढ़ जाती है।

स्क्रीनप्ले लेखन क्या है? (Screenplay Writing kya hai)

विशेषज्ञों के अनुसार, पटकथा लेखन भी अन्य कलाओं जैसे इंजीनियरिंग काष्ट कला और शिल्प कौशल की तरह एक तकनीकी कला है। स्क्रीनप्ले लेखन अन्य लेखन कार्यों की तुलना में एक कठिन कार्य है।

इसमें कहानी को प्रस्तुत करने की कला के साथ-साथ लेखक को पहले कहानी की कल्पना करनी आनी चाहिए। लेखन के लिए लेखन की एक नई भाषा सीखने और उस पर लगातार काम करने की आवश्यकता होती है।

एक पटकथा किसी भी फिल्म, शो, धारावाहिक, नाटक की आत्मा होती है, इसलिए इस दिशा में एक अच्छा पाठ्यक्रम आपको इस क्षेत्र में तकनीक क्षमता से लैस कर सकता है। आप पैराग्लाइडिंग में भी करियर बना सकते हैं।

पर्दे पर पात्रों के बीच मौलिकता दर्शकों को पसंद आती है, इसलिए इसे लिखते समय संवाद, दृश्य व्यावहारिकता और भाषाई चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि, डायरेक्टर, कैरेक्टर, एडिटर और प्रोडक्शन टीम का काम स्क्रीनप्ले या स्क्रिप्ट पर ही निर्भर करता है।

स्क्रीनप्ले में दो महत्वपूर्ण तत्व होते हैः

  • एक्शन – एक्शन को वर्तमान काल में लिखा जाता है।
  • डायलॉग – डायलॉग किसी फिल्म/टेलीफिल्म/टेलीविजन सीरियल के पात्रों के लिए लिखा जाता है।

भारतीय फिल्म उद्योग

  • एक अनुमान के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था में फिल्म उद्योग हर साल 80 करोड़ डॉलर का योगदान देता है।
  • बॉलीवुड हिंदी फिल्में बॉक्स ऑफिस राजस्व का 43% योगदान करती हैं।
  • तमिल सिनेमा की फिल्में 36% राजस्व का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  • फिल्म उद्योग अगले पांच वर्षों में $ 6.5 बिलियन का हो जाएंगा।
  • भारत दुनिया का सबसे बड़ा मूवी टिकट बाजार है, जहां हर साल 3.5 अरब टिकट बिकते हैं।

स्क्रीनप्ले राइटर बनने के लिए योग्यता

स्क्रीनप्ले लेखक बनने के लिए किसी विशेष योग्यता की आवश्यकता नहीं है फिर भी, इस क्षेत्र में आसानी से एंट्री पास प्राप्त करने के लिए स्क्रीनप्ले लेखन में ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट का कोर्स कर सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जिस भाषा में काम करना चाहते हैं उस पर आपकी मजबूत पकड़ होनी चाहिए और स्क्रीनप्ले में रीजनल भाषाओं का महत्वपूर्ण रोल होता है इसीलिए वहां की टंग ऑफ लैंग्वेज आपके पास प्रॉपर तरीके से होनी चाहिए।

एक अच्छे स्क्रीनप्ले के लिए कहानी पर बार-बार धैर्य और संयम बहुत ही आवश्यक है। इसके साथ ही आपमें नए-नए विचारों के साथ काम करने की क्षमता होने चाहिए ताकि आप बिना रुके इस फील्ड में तरक्की प्राप्त कर सकें।

स्क्रीनप्ले राइटर का वेतन (Salary of Screenplay Writer)

अगर आप किसी फिल्म प्रोडक्शन में जॉब करते हैं तो यहां के स्क्रीनप्ले राइटर्स की औसत सैलरी 12 लाख से 70 लाख के बीच होती है, इसके अलावा टॉप स्क्रीन राइटर्स की इनकम देखें तो वह करोड़ों में है।

आजकल, बॉलीवुड के साथ क्षेत्रीय फिल्म उद्योग भी अनुबंध के आधार पर काम की पेशकश करता है। यहां भी आपको अच्छा सैलरी पैकेज मिलने की पूरी संभावना है।

फिल्मों के अलावा टीवी सीरियल्स, शोज, ड्रामा में भी काम पाने के अच्छे मौके मिलते हैं, इस इंडस्ट्री में आप प्रति एपिसोड 50 हजार से 2 लाख रूपये और इससे भी ज्यादा कमा सकते हैं।

स्क्रीनप्ले राइटर या स्क्रिप्ट राइटर फिल्म या टीवी नाटक के लिए पटकथा लिखते है, वे या तो एक मूल विचार के आधार पर या किसी मौजूदा कहानी को एक पटकथा में ढालकर या किसी मौजूदा प्रोजेक्ट में शामिल होकर अपने काल्पनिक आधार पर एक बेहतरीन स्क्रिप्ट लिखने कि कोशिश करते है।