स्मार्ट कार्ड क्या है और यह कैसे काम करता हैं?

स्मार्ट कार्ड (Smart Card) का उज्जवल भविष्य होने के कारण बैंक, सरकार व कॉरपोरेट्स स्मार्ट कार्ड टेक्नोलॉजी की ओर ज्यादा से ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं और भारत सरकार भी स्मार्ट कार्ड को बढ़ावा देने के लिए प्रयत्नशील है। आप भी अपनी सुविधा के अनुसार वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, पासपोर्ट या अन्य आवश्यक कार्ड व डॉक्यूमेंट को स्मार्ट कार्ड में बदल सकते हैं।

स्मार्ट कार्ड क्या है? (Smart Card kya hai)

स्मार्ट कार्ड एक भौतिक कार्ड है जिसमें एक एम्बेडेड एकीकृत चिप होती है जो सुरक्षा टोकन के रूप में कार्य करती है। यह चिप या तो माइक्रोकंट्रोलर या एम्बेडेड मेमोरी चिप हो सकती है। स्मार्ट कार्ड को धातु या प्लास्टिक से बनाया जा सकता है।

एक स्मार्ट कार्ड साइज और आकार में एक क्रेडिट व डेबिट कार्ड जैसा होता है, जिसमें आमतौर पर एक एम्बेडेड माइक्रोप्रोसेसर होता है। स्मार्ट कार्ड में 8kb (किलोबाइट) तक RAM, 346kb ROM, 256kb प्रोग्राम योग्य ROM और एक 16-बिट माइक्रोप्रोसेसर हो सकता है।

स्मार्ट कार्ड या तो सीधे भौतिक संपर्क द्वारा – जिसे चिप और डिप के रूप में भी जाना जाता है या रेडियो-फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) या निकट-क्षेत्र संचार जैसे शॉर्ट-रेंज वायरलेस कनेक्टिविटी मानक के माध्यम से पाठक से जुड़ते हैं।

एक एम्बेडेड माइक्रोकंट्रोलर के साथ, स्मार्ट कार्ड में बड़ी मात्रा में डेटा संग्रहीत करने, अपने स्वयं के ऑन-कार्ड फ़ंक्शन (जैसे, एन्क्रिप्शन और पारस्परिक प्रमाणीकरण) को पूरा करने और स्मार्ट कार्ड रीडर से जुड़ने की अद्वितीय क्षमता होती है।

स्मार्ट कार्ड का उपयोग कई जगहों पर किया जाता है लेकिन आमतौर पर क्रेडिट कार्ड और अन्य भुगतान कार्ड के रूप में इनका उपयोग किया जाता है। कम दूरी की वायरलेस कनेक्टिविटी में सक्षम स्मार्ट कार्ड का उपयोग संपर्क रहित भुगतान प्रणालियों के लिए भी किया जा सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय मानक और विनिर्देश (International Standards and Specifications) स्मार्ट कार्ड टेक्नोलॉजी को कवर करते हैं। स्मार्ट कार्ड का पहला सामूहिक उपयोग टेलीकार्ट (Télécarte) था, जिसे 1983 में लॉन्च किया गया था जो फ्रेंच पे फोन में भुगतान के लिए एक टेलीफोन कार्ड था।

स्मार्ट कार्ड कैसे काम करता हैं? (Smart Card Kaise kam karta hai)

होस्ट कंप्यूटर या कंट्रोलिंग टर्मिनल से जुड़ा एक स्मार्ट कार्ड रीडर स्मार्ट कार्ड के माइक्रोप्रोसेसर चिप पर संग्रहीत जानकारी एकत्र करता है।

फिर, यह स्मार्ट कार्ड से प्राप्त ऐसी जानकारी को तत्काल प्रोसेसिंग के लिए कंट्रोलिंग टर्मिनल को वापस भेजता है।

स्मार्ट कार्ड एक अद्वितीय रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी (RFID) का उपयोग करके या कैरियर सेंसिंग कोलिजन डिटेक्शन (CSCD) सिस्टम प्रोटोकॉल के माध्यम से स्मार्ट कार्ड रीडर से जुड़ता है।

स्मार्ट कार्ड माइक्रोप्रोसेसर या मेमोरी चिप्स सीरियल इंटरफेस पर कार्ड रीडर और अन्य सिस्टम के साथ डेटा का आदान-प्रदान करते हैं।

कार्ड पर चिप या प्रोसेसर में वह डेटा होता है जिसे कार्ड रीडर एक्सेस करता है।

कार्ड के प्रोसेसर में एक बेसिक ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) होता है जो कार्ड को डेटा को होल्ड, ट्रांसमिट और प्रोटेक्ट करने देता है।

कार्ड रीडर स्मार्ट कार्ड से डेटा को उसके इच्छित गंतव्य, आमतौर पर भुगतान या प्रमाणीकरण प्रणाली, नेटवर्क कनेक्शन पर भेजता है।

स्मार्ट कार्ड चिप प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्ड रीडर के संपर्क में आता है और एक इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस स्थापित करता है। इसके बाद प्वाइंट ऑफ सेल के माध्यम से भुगतान जैसे लेनदेन को संभव बनाता है।

हालाँकि, कुछ स्मार्ट कार्ड वायरलेस माध्यम का उपयोग करके पाठक से जुड़ते हैं। इस प्रकार के कार्ड को कॉन्टैक्टलेस कार्ड (संपर्क रहित कार्ड ) कहा जाता है, जबकि जिन्हें कनेक्टिविटी की आवश्यकता होती है उन्हें कॉन्टैक्ट स्मार्ट कार्ड (Contact Smart Cards) कहा जाता है।

स्मार्ट कार्ड उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करते हैं और एक बार जानकारी संग्रहीत हो जाने के बाद, इसे आसानी से हटाया, मिटाया या बदला नहीं जा सकता है। हालांकि, कार्ड पर मौजूद एप्लिकेशन और डेटा को सुरक्षित चैनलों के माध्यम से अपडेट किया जा सकता है।

स्मार्ट कार्ड का उपयोग (Uses of Smart Card)

स्मार्ट कार्ड का उपयोग तेज व सुरक्षित लेनदेन प्रदान करने के लिए कई जगह किया जाता है जैसेः-

  • भुगतान कार्ड – क्रेडिट व डेबिट कार्ड
  • कॉर्पोरेट और सरकारी पहचान पत्र
  • कंप्यूटर सिक्योरिटी सिस्टम
  • इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट और वीजा
  • व्यक्तिगत पहचान संख्या (पिन)
  • पासवर्ड रहित सिक्योर प्रमाणीकरण

आदि में किया जाता है जिससे हाई सिक्योरिटी के साथ सुरक्षित सूचनाओं व पेमेंट का आदान-प्रदान आसानी से तुरंत हो जाता है जो ग्रीन बैंकिंग टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है।

आज स्मार्ट कार्ड टेक्नोलॉजी भारत में भी पॉपुलर हो रही है और अब वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और अन्य सभी प्रकार के कार्ड स्मार्ट कार्ड टेक्नोलॉजी के साथ जोड़े जाएंगे और आपके घर पर तुरंत पोस्ट कर दिए जाएंगे।

स्मार्ट कार्ड के प्रकार (Types of Smart Card in Hindi)

स्मार्ट कार्ड को उनके मानदंडों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है जैसे कि कार्ड कैसे डाटा को पढ़ता है, किस प्रकार की चिप का उपयोग किया जाता है, कार्ड का आधार क्या है, स्मार्ट कार्ड में क्या-क्या विशेषताएं है, स्मार्ट कार्ड का मुख्य काम किया है आदि।

  • कॉन्टैक्ट स्मार्ट कार्ड (Contact Smart Card)
  • कॉन्टैक्टलेस स्मार्ट कार्ड (Contactless Smart Card)
  • डुअल-इंटरफ़ेस स्मार्ट कार्ड (Dual-interface Smart Cards)
  • हाइब्रिड स्मार्ट कार्ड (Hybrid Smart Card)
  • मेमोरी स्मार्ट कार्ड (Memory Smart Card)
  • माइक्रोप्रोसेसर स्मार्ट कार्ड (Microprocessor Smart Card)

स्मार्ट कार्ड को उनके उपयोग के आधार पर भी वर्गीकृत किया जा सकता है, जैसे क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, पात्रता या अन्य भुगतान कार्ड, प्रमाणीकरण टोकन आदि। स्मार्ट कार्ड अब हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। ये उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड डेटा संग्रहण बिंदु प्रदान करते हैं।

स्मार्ट कार्ड के बेस्ट उदाहरण (Examples of Smart Cards)

  • भुगतान कार्ड – क्रेडिट कार्ड कंपनियों और बैंकों द्वारा जारी डेबिट और क्रेडिट कार्ड व अन्य पेमेंट कार्ड्स।
  • इलेक्ट्रॉनिक लाभ हस्तांतरण कार्ड – सरकारी योजनाओं और लाभों को लोगों तक पहुंचाने में उपयोगी।
  • ट्रांजिट कार्ड – सुविधाजनक यात्रा और खरीदारी के लिए परेशानी मुक्त भुगतान करने में सक्षम।
  • एक्सेस कंट्रोल कार्ड – स्कूलों, कंपनियों और सरकारी संस्थाओं को भौतिक स्थानों तक पहुंच को नियंत्रित करने में सक्षम बनाते है।
  • स्मार्ट हेल्थ कार्ड – रोगी के चिकित्सा रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने में चिकित्सा सुविधाओं में सहायक।
  • सिम कार्ड – डिजिटल कैमरों और स्मार्टफोन के अंदर उपयोग किया जाता है जो मीडिया और अन्य डेटा स्टोर करता है।

स्मार्ट कार्ड कैसे बनाये? (Smart Card kaise banaye)

आप अपनी सुविधा के अनुसार स्मार्ट राशन कार्ड, स्मार्ट वोटर आईडी कार्ड, स्मार्ट आधार कार्ड, स्मार्ट पासपोर्ट, स्मार्ट एटीएम कार्ड, स्मार्ट क्रेडिट कार्ड, स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस आदि के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

  • स्मार्ट कार्ड ऑनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए संबंधित सरकारी विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
  • आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें और इसे ऑनलाइन / ऑफलाइन सही ढंग से भरें।
  • अपने आवश्यक डाक्यूमेंट्स जिसमें पहचान व निवास प्रमाण पत्र, बैंक डिटेल आदि भरें।
  • विभाग द्वारा फीस व चार्जेस का ऑनलाइन व ऑफलाइन भुगतान करें।
  • जहां आवश्यक हो, विभाग में जाएं और अपने दस्तावेजों की भौतिक जांच करवाएं।

स्मार्ट कार्ड एप्लीकेशन की ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रोसेस पूरी होने के बाद आपके बताएं गए वर्तमान पते पर स्पीड व स्टैंडर्ड पोस्ट के माध्यम से स्मार्ट-कार्ड आपके घर पर पहुंच जाएंगा।

अगर किसी भी प्रकार की परेशानी आती है या कोई शिकायत है तो आप संबंधित विभाग की वेबसाइट पर दिए गए टोल फ्री नंबर या ईमेल के माध्यम से सपोर्ट टीम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

स्मार्ट कार्ड किस काम आता है? (what is smart card used for)

स्मार्ट कार्ड का उपयोग बैंकिंग, रिटेल, कॉरपोरेट, पेमेंट व सुरक्षित लेनदेन, हेल्थ केयर, आईडी वेरीफिकेशन एंड कंट्रोल, मोबाइल कम्युनिकेशन, कंप्यूटर नेटवर्क सिक्योरिटी व गवर्नमेंट पॉलिसी और योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।

सामान्य तौर पर, स्मार्ट कार्ड का उपयोग तेज और सुरक्षित लेनदेन करने और क्रेडिट कार्ड व अन्य प्रकार के कार्ड, कंपनी और सरकारी पहचान पत्र और ट्रांज़िट फेयर कार्ड सहित व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए किया जाता है।

त्वरित और सुरक्षित लेनदेन, उच्च प्रदर्शन, तीसरे पक्ष के बिना सुरक्षा लेनदेन, डेटा पर उचित नियंत्रण और डेटा पारदर्शिता जैसी विशेषताएं स्मार्ट कार्ड के भविष्य को उज्ज्वल बना रही है।

संगठन इसका उपयोग सुरक्षा उद्देश्यों के लिए और व्यक्तिगत साइन-ऑन उपयोगकर्ताओं को प्रमाणित करने के साथ-साथ एक बहु-कारक स्वचालन टोकन (multifactor automation token) के रूप में उपयोग करने के लिए भी करते हैं।

स्मार्ट कार्ड टेक्नोलॉजी विश्वभर में काफी ख्याति प्राप्त कर रही है और इसके उज्जवल भविष्य को देखते हुए विभिन्न प्रकार की इंडस्ट्रीज और कॉरपोरेट्स इस टेक्नोलॉजी का बखूबी फायदा उठा रहे हैं और उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

भारतीय बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियां पहले से ही स्मार्ट पेमेंट कार्ड टेक्नोलॉजी को अपना चुके हैं और अब भारत सरकार भी वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड व अन्य सभी प्रकार के कार्ड को इस टेक्नोलॉजी से जोड़कर सभी को स्मार्ट कार्ड प्रदान करना चाहती है ताकि लोग इसका उपयोग आसानी से कर सकें और अपने डाटा को सुरक्षित रख सकें।