पोस्टल बैंकिंग इन इंडिया (Postal Banking in India)

भारत में ग्रामीण और अर्ध-शिक्षित आबादी को देखते हुए भारत सरकार ने लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए एक बेहतरीन प्रयास किया है और वह है पोस्ट ऑफिस को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना। यह प्रयास ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लिए एक वरदान साबित हुआ है और भविष्य में भी होगा।

पोस्टल बैंकिंग क्या है? (Postal Banking kya hai)

डाक बैंकिंग में, आपका स्थानीय डाकघर एक वाणिज्यिक बैंक की तरह बुनियादी बैंकिंग व वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है। जिसमें बचत खाता, चालू खाता, मोबाइल बैंकिंग, घरेलू धन हस्तांतरण, बिल भुगतान, क्रेडिट व डेबिट कार्ड, जीवन बीमा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसी सेवाओं का लाभ मिलता है।

स्थानीय डाकघर भी एक प्रकार की बैंक शाखा के रूप में कार्य करता है। जिस तरह से आप सामान्य बैंक में अकाउंट खुलवा सकते है या फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकते हैं उसी प्रकार से आप भारतीय पोस्ट ऑफिस में भी अकाउंट खुलवा सकते है और विभिन्न वित्तिय ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

डाक बैंकिंग दुनिया के अधिकांश हिस्सों में आम है, देश की बड़ी गैर-बैंकिंग आबादी को कम लागत, त्वरित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने का एक अच्छा विकल्प है। भारत के लाखों लोग पोस्ट ऑफिस बैंकिंग प्रणाली से जुड़कर डिजिटल ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

आप डाकघर में सभी प्रकार के वित्तीय लेनदेन कर सकते हैं जैसे पैसा जमा करना, पैसा निकालना, एफडी करना आदि। डाकघर में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने से कई भारतीय नागरिकों विशेष रूप से वे जो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहते हैं को मदद मिलेगी।

भारत को गांवों वाला देश कहा जाता है और लगभग आधी से ज्यादा आबादी गांवों में अशिक्षित या अर्ध-शिक्षित है इसीलिए उन्हें बैंकिंग सुविधाएं सुलभ कराने के लिए भारत सरकार ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की शुरुआत की।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (India Post Payments Bank)

भारत सरकार ने डाक बैंकिंग सेवा को बढ़ावा देने के लिए सर्वोत्तम पहल के तहत भारतीय डाक भुगतान बैंक (India Post Payments Bank) को बाजार में लॉन्च किया है ताकि गाँव, कस्बे और दूर-दराज के लोग भारतीय बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सकें।

प्रधानमंत्री ने 1 सितंबर, 2018 को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) को लॉन्च किया। यह भारत सरकार की 100 प्रतिशत इक्विटी के साथ डाक विभाग की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

यह भारतीय डाक विभाग का एक भुगतान बैंक है जो डाकघरों और लगभग 3 लाख डाकियों के नेटवर्क के साथ  संपूर्ण भारत में बैंकिंग गतिविधियों को सुलभ कराने के लिए काम करेगा।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) भारत सरकार के स्वामित्व वाली 100% इक्विटी के साथ डाक विभाग व संचार मंत्रालय के तहत स्थापित किया गया है। आप भारत के टॉप 10 प्रमुख बैंक के बारे में भी जान सकते है।

आप पोस्ट पेमेंट बैंक के तहत सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, मोबाइल बैंकिंग, एसएमएस बैंकिंग, मिस्ड कॉल बैंकिंग, फोन बैंकिंग, डॉमेस्टिक मनी ट्रांसफर, बिल पेमेंट, रेमिटेंस एंड फंड ट्रांसफर, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, डीओपी प्रोडक्ट पेमेंट, क्रेडिट व डेबिट कार्ड, लाइफ इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस, सोशल सिक्योरिटी स्कीम जैसे पीएमजेजेबीवाई (PMJJBY) जैसी सर्विसेज का लाभ उठा सकते।

डाक बैंकिंग से उन उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा लाभ होगा जिनकी पारंपरिक बैंकों तक पहुंच नहीं है और साथ ही वे जो अधिक सार्वजनिक विकल्प पसंद करते हैं।

दुनियाभर के 142 देशों में डाक सेवाएं किसी न किसी रूप में वित्तीय सेवाएं प्रदान करती हैं, जिसमें भारतीय डाक सेवा भी मजबूती से अपनी सेवा प्रदान कर रही है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में आपको निम्न सुविधाएं मिलेंगीः

जमा
– बचत खाता
– चालू खाता
मनी ट्रांसफर
– सरल और सुरक्षित
– तुरंत
– 24×7
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण
– मनरेगा
– छात्रवृत्ति
– सामाजिक कल्याण लाभ व अन्य सरकारी सब्सिडीज
तृतीय पक्ष उत्पाद
– ऋण (Loan)
– बीमा
– निवेश
– डाकघर बचत योजनाएं
बिल और उपयोगिता भुगतान
– मोबाइल और डीटीएच रिचार्ज
– बिजली, पानी और गैस के बिल
– दान और बीमा प्रीमियम
उद्यम और व्यापारी भुगतान
– डाक उत्पाद
– ई-कॉमर्स डिलीवरी का डिजिटल भुगतान (सीओडी)
– छोटे व्यापारी/किराना स्टोर/असंगठित रिटेल
– ऑफलाइन भुगतान
– नकद प्रबंधन सेवाएं

क्या डाक बैंकिंग एक नया विचार है?

नहीं, डाक बैंकिंग प्रणाली कोई नया विचार नहीं है। इसे सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में लागू किया गया था और इसके फायदों को देखते हुए धीरे-धीरे अन्य देशों ने भी इसे अपनाना शुरू किया।

संयुक्त राज्य अमेरिका में 1911-1967 तक एक डाक बचत प्रणाली थी जिसमें 1947 में संपत्ति में 3.4 अरब डॉलर या संपूर्ण वाणिज्यिक बैंकिंग प्रणाली की संपत्ति का 10 प्रतिशत हिस्सा था। दुनिया भर में, 1.5 अरब लोग डाक बैंकिंग सेवा के माध्यम से वित्तीय सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं।

भारत में पोस्टल बैंकिंग (Postal Banking in India)

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) आपकी बैंकिंग गतिविधियों को पूरा करने के लिए देश के हर जिले, कस्बे और गांव में लगभग 1.55 लाख डाकघरों और 3 लाख डाक कर्मियों के विशाल डाक नेटवर्क के साथ आपकी सेवा में उपलब्ध है।

बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने और आप तक पहुंच बनाने के लिए पोस्टल बैंकिंग सिस्टम “आपका बैंक, आपके द्वार” वादे के साथ डाकिए की मदद से आप तक पहुंच बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। डाकिया आपका सच्चा बैंक साथी बनेगा और आप तक सभी बैंक सुविधाएं घर पर पहुंचाने की कोशिश करेगा।

वर्तमान पोस्ट ऑफिस सर्विसेज के साथ भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक को जोड़ा गया है और वर्तमान पोस्ट ऑफिस के माध्यम से बैंकिंग सुविधाएं आप तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर अपना खाता खोला सकते हैं और बिना बैंक गए भारतीय पोस्ट बैंकिंग सिस्टम का लाभ उठा सकते हैं।

भारत में डाक बैंकिंग प्रणाली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग गतिविधियों के साथ सामाजिक क्षेत्र के लाभार्थियों, पंचायतों, कम आय वाले परिवारों, प्रवासी मजदूरों, असंगठित क्षेत्र, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करना है।

आपका पोस्ट ऑफिस इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से आपको फिजिकल और डिजिटल माध्यम से बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश करता है। जिस तरह से सामान्य बैंक में आप जा करके पैसा डिपॉजिट करा सकते हैं, ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं उसी तरह से आप पोस्ट ऑफिस के माध्यम से भी सभी प्रकार की गतिविधियां कर सकते हैं।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में जाकर आप तीन प्रकार के बचत खाते खुलवा सकते है:

  • नियमित खाता – सफल, (Regular Account – Safal)
  • मूल बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडीए) – सुगम (Basic Savings Bank Deposit Account (BSBDA) – Sugam)
  • बीएसबीडीए स्माल – सरल (BSBDA Small – Saral)

आप दिन के अंत में अपने नियमित बचत खाते में अधिकतम ₹2 लाख ही रख सकते हैं। अगर आप दो लाख रूपये की लिमिट क्रॉस कर लेते हैं तो आपको पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट (Post Office Savings Account) खुलवाने की आवश्यकता पड़ेगी, इसमें IPPB डिपार्टमेंट आपकी मदद करेगा। नियमित बचत खाते में ₹2 लाख से अधिक की धनराशि आपके लिंक किए गए पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट (POSA) में स्थानांतरित की जा सकती है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक बचत खाते पर 4 प्रतिशत ब्याज दर प्रदान करता है। ये बैंक्स डेबिट कार्ड और एटीएम कार्ड जारी कर सकते हैं, लेकिन क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते और न ही पैसे उधार दे सकते हैं।

यह मनरेगा मजदूरी, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसे सामाजिक सुरक्षा भुगतान प्रदान करेगा और तृतीय-पक्ष सेवाओं के बीमा, म्यूचुअल फंड तक पहुंच प्रदान करने में लोगों की मदद करेंगा।

पोस्ट ऑफिस को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने से ग्रामीण भारत में बैंकिंग सेवाओं की उपस्थिति 4-5 गुना बढ़ सकती हैं और ग्रीन बैंकिंग प्रणाली को बढ़ावा मिलने के साथ आने वाले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के लाभ

  • ग्रामीण बैंकिंग का विस्तार।
  • विविध बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच।
  • सामाजिक और वित्तीय समावेशन।
  • ग्रामीण MSMEs को वित्तीय सेवाओं से फायदा।
  • प्रभावी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी)।
  • बैंकिंग पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर।
  • व्यापक बैंकिंग बुनियादी ढांचे की मजबूती।
  • बेहतर तकनीक का उपयोग लोगों को मिलना।
  • ग्रामीण जनता को बैंकिंग सिस्टम से कनेक्ट करना।
  • डाकिया के माध्यम से सेवाओं की अंतिम छोर तक सुपुर्दगी।
  • ‘ग्रामीण डाकसेवक’ मोबाइल बैंकरों के रूप में कार्यरत।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से जुड़े डाकघर बचत बैंक खाते भारतीय नागरिकों को बैंकिंग तक पहुंच प्रदान करेंगे। जिससे वे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर, ऑनलाइन बिल भुगतान, डिजिटल भुगतान, तृतीय-पक्ष भुगतान, बीमा और म्यूचुअल फंड आदि जैसी सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे।