म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें?

म्यूचुअल फंड निवेश बाजार में सबसे लोकप्रिय शब्द है। यह लगातार नए निवेशकों के लिए सबसे अच्छा माध्यम बनता जा रहा है लेकिन यह बाजार की प्रवृत्ति के उतार-चढ़ाव पर आधारित है इसलिए निवेश करने से पहले आपको यह जानना होगा कि म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें? और फंड योजना व जोखिम कारकों के बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त करें।

म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें?

म्यूचुअल फंड उन निवेशकों के लिए निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका है, जिन्हें शेयर बाजार की अच्छी जानकारी नहीं है, लेकिन म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करने से पहले आपको कुछ बुनियादी जानकारी प्राप्त करनी होगी।

यह बाजार के जोखिम के अधीन है इसलिए यह आपकी जिम्मेदारी है कि आपका निवेश सही जगह पर निवेश किया जाना चाहिए। इसके लिए आपको म्यूचुअल फंड के बारे में बेसिक व शुरुआती जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

म्यूचुअल फंड कई तरह के होते हैं जैसे इक्विटी फंड, हाइब्रिड फंड और डेट फंड। इन फंडों को भी कई योजनाओं में विभाजित किया जाता है, इसलिए एक अच्छी योजना का चयन और सही फंड में निवेश करना ज्यादातर नए निवेशकों के लिए काफी मुश्किल होता है।

म्यूचुअल फंड निवेश के लिए ध्यान में रखने योग्य तथ्य

म्यूचुअल फंड उद्योग में विभिन्न फंड उपलब्ध हैं जैसे कम पूंजी, मध्यम पूंजी, उच्च पूंजी, उच्च जोखिम और कम जोखिम। म्यूच्यूअल फण्ड में आपको अपनी निवेश क्षमता के अनुसार निवेश करने का अवसर दिया जाता है। आप इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करके अपने बजट के अनुसार निवेश करना चुन सकते हैं या योजना बना सकते हैं।

अपना निवेश लक्ष्य निर्धारित करें

आपको अपना पैसा निवेश करने से पहले निवेश लक्ष्य बनाना चाहिए। यह आपके बजट के अनुसार योजनाओं के चयन में आपकी मदद करेगा। बजट और कार्यकाल आपके निवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसलिए आपको मासिक या वार्षिक आधार पर बचत की योजना बनानी चाहिए। यह आपको बिना किसी बोझ और तनाव के म्यूचुअल फंड में निवेश करने में मदद करेगा और विशेष समय के बाद अच्छा रिटर्न प्रदान करेगा।

सही फंड या योजना चुनें

बाजार में म्यूचुअल फंड कई प्रकार के होते हैं, इसलिए नए निवेशकों के लिए सही फंड चुनना थोड़ा मुश्किल होता है। आपको इसके बारे में इंटरनेट से बुनियादी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और बुनियादी ज्ञान के साथ निवेश करना चाहिए क्योंकि बाजार में बहुत सारे लोग हैं जो अपने हित के लिए भ्रमित कर सकते हैं और परिणाम नकारात्मक होगा।

एक म्यूचुअल फंड स्कीम को शॉर्टलिस्ट करें

आपको एक ऐसे म्यूचुअल फंड का चयन करना चाहिए जिसमें आपकी रुचि हो। आपको फंड मैनेजर के क्रेडेंशियल, एक्सपेंस रेशियो, पोर्टफोलियो कंपोनेंट्स और एसेट अंडर मैनेजमेंट जैसे कारकों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अच्छे रिटर्न के लिए सही फंड स्कीम चुनें और म्यूचुअल फंड के बारे में अपने मन में सकारात्मक विचार बनाए रखें।

विभिन्न फंड पोर्टफोलियो में निवेश करें

आपको हमेशा अलग-अलग म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो यानी अलग-अलग स्टॉक और सिक्योरिटीज में निवेश करना चाहिए। यह आपके निवेश जोखिम को कम करता है और रिटर्न बढ़ाता है। आपको निवेश से पहले रिसर्च करनी चाहिए, इसके लिए आप फंड मैनेजर या इंटरनेट की मदद ले सकते हैं और अपनी निवेश क्षमता के अनुसार कुछ फंड्स का चयन कर सकते हैं।

इन्वेस्टमेंट प्लान चुनें

आप अपनी सुविधा के अनुसार एसआईपी या एकमुश्त योजना का चयन कर सकते हैं। SIP Plan – यह आपको अपकी निवेश क्षमता के अनुसार निवेश करने का अवसर देता है यानि मासिक आधार पर आप न्यूनतम पैसे से निवेश शुरू कर सकते हैं। बाजार में विभिन्न प्रकार के एसआईपी प्लान उपलब्ध है।

Lump-Sum Plan – आप एकमुश्त यानि एक साथ पैसा निवेश कर सकते हैं, जब आपको लगे कि पैसे की जरूरत कुछ समय यानि लंबी अवधि के लिए नहीं है तो आप इस प्लान को चुन सकते हैं। कुछ साल बाद यह अच्छा रिटर्न दे सकता है।

नेट बैंकिंग खाता खोलें

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए, आपको अपने बैंक खाते में इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय करना होगा। म्युचुअल फंड भी डेबिट कार्ड और चेक के माध्यम से निवेश करने की अनुमति देते हैं लेकिन इसे नेट बैंकिंग के माध्यम से जोड़ना निवेश करने के लिए एक अधिक सरल, सुरक्षित और समय बचाने वाली प्रक्रिया है।

अपने केवाईसी दस्तावेजों को अपडेट रखें

अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) का अर्थ है आपके बारे में जानकारी यानी आप कौन हैं, कहां रहते है और अन्य बुनियादी जानकारी। यदि आपने अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) प्रक्रिया पूरी नहीं की है तो आप म्यूचुअल फंड में निवेश नहीं कर सकते। केवाईसी अधिकांश वित्तीय लेनदेन के लिए एक सरकारी विनियमन (Government regulation) है।

केवाईसी के लिए आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए –

  • आपके पते का प्रमाण।
  • आपकी पहचान का प्रमाण।
  • बैंक विवरण और रद्द चेक।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।
  • फंड हाउस द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले यह जांच करें

  • उस म्यूचुअल फंड और फंड मैनेजमेंट कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड।
  • Expense ratio जो कि कमीशन है, वह न्यूनतम होना चाहिए।
  • उस फंड का पिछले तीन से पांच साल का प्रदर्शन, अच्छा प्रदर्शन होने पर ही निवेश करें।
  • बाजार का रुझान और उस म्यूचुअल फंड का एनएवी।
  • फंड स्कीम और निवेश योजना के बारे में जानकारी।
  • आपका पैसा कैसे और कहां निवेश किया जाएगा।
  • एंट्री और एक्जिट लोड – एंट्री लोड वह शुल्क है जो फंड में शामिल होने के समय आप पर लगाया जाता है और जब आप अपनी यूनिट बेचते हैं तो एग्जिट लोड लगाया जाता है। एंट्री और एक्जिट लोड एनएवी का एक अंश है। यह न्यूनतम होना चाहिए।

आप म्यूचुअल फंड में ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

ऑफलाइन – आप आवश्यक दस्तावेजों के साथ फंड हाउस के नजदीकी शाखा कार्यालय में जाकर म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश कर सकते हैं।

एजेंट – बिचौलियों या एजेंट के माध्यम से निवेश कर सकते है। इनमें स्टॉक ब्रोकर, बैंक, निवेश सेवा प्रदान करने वाले व्यक्ति, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय उपस्थिति वाली वितरण कंपनियां आदि शामिल हैं।

स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार – स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों के माध्यम से जो म्यूचुअल फंड निवेश की सुविधा के लिए एजेंट के रूप में कार्य करते हैं।

ऑनलाइन – आप संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) या म्यूचुअल फंड हाउस की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुछ AMCs के अपने म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए ऐप भी हैं।

म्यूचुअल फंड का प्रबंधन संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (Assets Management Companies) द्वारा किया जाता है। ये एएमसी उन लोगों से पैसा इकट्ठा करते हैं जो निवेश करने के इच्छुक हैं और वह पैसा विभिन्न प्रतिभूतियों में निवेश किया गया है।

निवेश के बाद आपको शेयर के समान इकाइयाँ (Units) मिलेंगी। आप इन इकाइयों को किसी भी समय खरीद और बेच सकते हैं। प्रत्येक निवेशक को निवेश के बदले शेयरों जैसी इकाइयाँ मिलती हैं, जो उस म्यूचुअल फंड योजना में निवेशकों को स्वामित्व का अधिकार देती हैं।

म्यूचुअल फंड आपकी जोखिम क्षमता पर आधारित होते हैं इसलिए आपको यह तय करना चाहिए कि कौन से फंड उपयुक्त हैं और कौन से नहीं। यदि आप उच्च जोखिम वाले फंडों का चयन करते हैं तो आपका रिटर्न उच्च हो सकता है जो कि 15 प्रतिशत या उससे अधिक होता है।

यदि आप कम या मध्यम जोखिम वाले फंड का चयन करते हैं तो आपके निवेश का जोखिम कम होता है और आप 3-15 प्रतिशत प्रति वर्ष रिटर्न कमा सकते हैं।

नोट – आपका पैसा आपकी मेहनत की कमाई है इसलिए सही मार्केट प्लेस में निवेश करना आपकी जिम्मेदारी है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिम के अधीन है यानी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है इसलिए आपको अपना पैसा निवेश करने से पहले कुछ बुनियादी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और किसी के इशारे या कहने पर निवेश नहीं करना चाहिए।