म्यूचुअल फंड कैसे काम करता हैं?

म्यूचुअल फंड कम जोखिम और न्यूनतम निवेश राशि के साथ निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका है। क्या आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है? (How to Mutual Funds Work?) तो चलिए इसके बारे में चर्चा करते हैं जो आपको सही निवेश निर्णय लेने में मदद करेगा।

म्यूचुअल फंड कैसे काम करता हैं? (Mutual Fund Kaise kam karta hai)

म्यूचुअल फंड, स्टॉक के विपरीत, केवल एक विशेष शेयर में निवेश नहीं करते हैं। इसके बजाय, एक म्यूचुअल फंड योजना निवेशकों को सर्वोत्तम संभव रिटर्न प्रदान करने के लिए कई निवेश विकल्पों में निवेश करती है।

इसके अलावा, निवेशकों को शेयरों को चुनने और डायरेक्ट निवेश करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि फंड मैनेजर अपने लेवल पर रिसर्च करता है और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली निवेश प्रतिभूतियाँ को चुनता है जिनमें उच्च रिटर्न देने की क्षमता होती है।

आप म्यूचुअल फंड के बारे में बेसिक जानकारी प्राप्त कर म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं और कुछ समय बाद इनके विशेषज्ञ प्रबंधन और अनुभव के माध्यम से सर्वोत्तम आउटपुट प्राप्त कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड विभिन्न निवेशकों से विभिन्न प्रतिभूतियों में निवेश करने के लिए धन एकत्र करते हैं। एक फंड मैनेजर म्यूचुअल फंड में निवेश का प्रबंधन करता है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) के विवेक के आधार पर एक से अधिक फंड मैनेजर हो सकते हैं।

प्रत्येक म्यूचुअल फंड योजना की एक रणनीति होती है जो न्यू फंड ऑफर (NFO) के समय निर्धारित की जाती है। एक बार रणनीति तय हो जाने के बाद, फंड को उसका पालन करना पड़ता है। Mutual Funds मुख्यतः 4 स्टेप्स में कार्य करते है।

म्यूचुअल फंड के काम करने के मुख्य स्टेप्स (Working Steps of Mutual Funds)

म्यूचुअल फंड मुख्य रूप से 4 चरणों के चक्र में काम करते हैं – 1. न्यू फंड ऑफर (एनएफओ), 2. पैसे इकट्ठा करना, 3. सिक्योरिटीज में पैसे निवेश करना, 4. रिटर्न (आय)। फंड मैनेजर इन चार चरणों को ध्यान में रखते हुए बेहतरीन सिक्योरिटीज में निवेश करके निवेशकों को ज्यादा से ज्यादा रिटर्न देने की कोशिश करते हैं। तो आइए म्यूचुअल फंड के 4 वर्किंग स्टेप्स के बारे में जानते हैं।

न्यू फंड ऑफर (NFO)

न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) में निवेशकों को म्यूचुअल फंड स्कीम को सब्सक्राइब करने का मौका मिलता है। एनएफओ के बंद होने के बाद निवेशक केवल यूनिट खरीद सकते है।

इसके अलावा, एनएफओ लॉन्च के समय फंड की रणनीति का खुलासा किया जाता है। एक बार जब फंड मैनेजर फंड की रणनीति तय कर लेता है, तो उसे बदला नहीं जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि निवेशक रणनीति के आधार पर फंड में निवेश करते हैं।

पैसे इकट्ठा करना (Money is Pooled)

म्यूचुअल फंड कई छोटे निवेशकों से विभिन्न प्रतिभूतियों में निवेश करने के लिए पैसा जमा करते हैं। जो निवेशक कम मात्रा में पैसा निवेश करते हैं उन्हें भी Mutual Fund बड़े पोर्टफोलियो में पैसा लगाने की अनुमति देते है।

फंड मैनेजर अपने लेवल पर बेस्ट सिक्योरिटीज के बारे में रिसर्च करता है और अपने निवेशकों को ऑप्टिमम रिटर्न प्रदान करने के लिए अपने विवेक के अनुसार बेस्ट इन्वेस्टमेंट सिक्योरिटीज में निवेश करके कम जोखिम के साथ अच्छा आउटपुट देने की कोशिश करता है।

प्रतिभूतियों में पैसे निवेश करना (Invest Money in Securities)

अलग-अलग निवेशकों से पैसा इकट्ठा करने के बाद जमा किए गए पैसों को इक्विटी स्टॉक, डेट, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट, डेरिवेटिव, बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज, सोना आदि प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है।

फंड मैनेजर फंड की रणनीति के आधार पर म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार विभिन्न प्रतिभूतियों को शामिल करता है और अपने सभी निवेशकों को कम से कम जोखिम के साथ सर्वोत्तम रिटर्न प्रदान करने का प्रयास करता है।

रिटर्न Returns (Income)

पोर्टफोलियो मैनेजर निवेश से रिटर्न अर्जित करने के लिए लगातार प्रयास करता है। इस प्रकार, म्यूचुअल फंड अनुसंधान, निगरानी और पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करने में उनके सभी प्रयास फंड के एनएवी को बढ़ाते हैं।

इन आवंटन से कुल पूंजीगत लाभ फंड के प्रबंधन के तहत संपत्ति में जुड़ जाता है, जिस पर फंड का एनएवी निर्भर करता है। एक बार जब फंड रिटर्न देता है, तो उन्हें या तो निवेशकों को वितरित कर दिया जाता है या अधिक आय उत्पन्न करने के लिए फंड में पुनर्निवेश किया जाता है।

फंड मैनेजर स्टॉक और डेट इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में रिसर्च और एनालिसिस करते हैं और रिसर्च के आधार पर वे आपके पैसे को टॉप फंड्स में निवेश करते हैं। म्यूचुअल फंड कई तरह के होते हैं जिनमें निवेश कर आप अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते है।

जब आप म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं, तो AMCs आपको म्यूचुअल फंड के एनएवी के अनुसार यूनिट आवंटित करती है। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार फंड यूनिट्स को भुना सकते हैं। यूनिट्स को फंड के मौजूदा एनएवी पर भुनाया जाता है।

म्यूचुअल फंड की फंड यूनिट की कीमत को नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) कहा जाता है। यह वह कीमत है जिस पर आप अपने फंड यूनिट्स को खरीद या बेच सकते हैं।

एनएवी म्यूचुअल फंड स्कीम के प्रदर्शन को दर्शाता है। म्यूचुअल फंड की एनएवी की गणना इस प्रकार की जाती है – कुल संपत्ति – देनदारियों को बकाया इकाइयों की संख्या से विभाजित करके। सभी यूनिट म्युचुअल फंड के मौजूदा एनएवी पर बेचे और खरीदे जाते हैं।

म्यूचुअल फंड पर रिटर्न को प्राप्त करने के दो तरीके होते है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने का मुख्य उद्देश्य रिटर्न प्राप्त करना है, रिटर्न मुख्य रूप से दो तरह से प्राप्त किया जा सकता है, 1. पूंजी में मूल्य वृद्धि (Capital Appreciation) या पूंजी लाभ (Capital Gain) और 2. लाभांश भुगतान (Dividend Payout)।

निवेशक या तो फंड हाउस से अपना रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं या फिर इसे पूनःनिवेश कर सकते हैं। उनके पास दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, वे अपनी सुविधा के अनुसार उनमें से किसी एक को चुन सकते हैं।

पूंजी में मूल्य वृद्धि ((Capital Appreciation)

म्युचुअल फंड उच्च विकास क्षमता वाली प्रतिभूतियों में या आकर्षक बाजार मूल्यांकन वाली कंपनियों में निवेश करते हैं। Capital Appreciation निवेश के बाजार मूल्य में वृद्धि को संदर्भित करता है। इसकी गणना निवेश के निपटान के समय बिक्री मूल्य और निवेश के खरीद मूल्य के बीच के अंतर के रूप में की जाती है।

उदाहरण के लिए, यदि कोई निवेशक ₹ 100 प्रति इक्विटी शेयर के अनुसार स्टॉक खरीदता है और बाजार मूल्य ₹ 120 तक बढ़ जाता है, तो प्रति इक्विटी शेयर ₹ 20 की पूंजी वृद्धि होती है, इसे प्रति शेयर ₹ 20 का पूंजीगत लाभ भी कहा जाता है।

लाभांश भुगतान (Dividend Payout)

डिविडेंड पेआउट वह म्यूचुअल फंड इक्विटी फंड हैं जो उन कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उपकरणों में निवेश करते हैं जो उच्च लाभांश घोषित करने के लिए प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित हैं।

लाभांश भुगतान विकल्प में, कंपनियों द्वारा अपने निवेशकों को लाभांश का भुगतान किया जाता है, जिसे मुख्य रूप से निवेशकों की कमाई माना जाता है। यह पूरी तरह से कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करता है कि वह कितना लाभांश अदा करेगी। निवेशक डिविडेंड प्राप्त करना चुन सकते हैं या फंड में राशि का पुनर्निवेश कर सकते हैं।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए, निवेशकों को जोखिम के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि फंड मैनेजर कई उपकरणों में निवेश करते है। इसलिए, म्यूचुअल फंड में निवेश करना आपके निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने का एक शानदार तरीका है।

हमने ऊपर चर्चा की कि म्यूचुअल फंड कैसे काम करता हैं? (Mutual Fund Kaise kam karta hai) अगर आप नए निवेशक हैं तो शुरुआत में कम निवेश के साथ म्युचुअल फंड में निवेश करना शुरू करें, बाद में आप धीरे-धीरे सीखने के साथ अपने निवेश को बढ़ा सकते हैं।

म्युचुअल फंड आमतौर पर औसतन 10-15% रिटर्न प्रदान करते हैं, लेकिन अगर बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह 20-25% रिटर्न भी दे सकते है, इसलिए इसे एक अच्छा निवेश विकल्प माना जाता है। लेकिन निवेश करने से पहले थोड़ी रिसर्च आप भी करें और बेसिक नॉलेज प्राप्त करने के बाद निवेश शुरू करें।