ITR Filing 2022: क्या आप ज्यादा टैक्स देने से बचना चाहते हैं?

लोग हमेशा इनकम टैक्स बचाने के मौके तलाशते रहते हैं। अगर आप भारत में इनकम टैक्स बचाने की सोच रहे हैं, तो यहां कारोबारियों और वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए टैक्स बचाने के कुछ टिप्स दिए गए हैं।

भारत में इनकम टैक्स बचाने के दो तरीके हैं:

  • खर्चों का दावा करके (By Claiming Expenses)
  • टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करके

आप इनकम टैक्स भरने की सीमा के दायरे में आते हैं तो आपका सीए या लेखा टीम आपसे संभावित निवेशों की घोषणा करने, खर्चो की डिटेल बताने, कर-संबंधित निवेशों की पूरी सूची प्रस्तुत करने, आपके कुल स्रोतों से प्राप्त आय का विवरण और उस वित्तीय वर्ष के सभी प्रमाण प्रस्तुत करने की अपेक्षा करती है।

हो सकता है कि आप उन्हें जमा करने से चूक गए हों और अब बिना किसी देरी के आयकर दाखिल करना चाहते हैं और अधिक कर का भुगतान करने से बचना चाहते हैं तो यहां हम महत्वपूर्ण टिप्स बता रहे हैं जिसे आप कर बचाने के लिए अपना सकते हैं।

ज्यादा इनकम टैक्स का भुगतान करने से कैसे बचें?

वेतनभोगी व्यक्ति और मध्यम वर्ग के लिए आईटीआर दाखिल करना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए आपकी समस्या को कम करते हुए, आइएं हम जानते हैं कि अधिक आयकर का भुगतान करने से कैसे बचें:

अपनी कर स्थिति की समीक्षा करें

  • कुछ समय अपनी कर स्थिति का विश्लेषण करने के लिए निकालें।
  • वर्ष भर की अपनी आय और कर देयताओं की जांच करें।
  • यदि आपकी कोई कर देयता नहीं है, तो अपना आयकर रिटर्न दाखिल करें।
  • अगर कोई टैक्स देनदारी है, तो उसका गहराई से विश्लेषण करें और टैक्स-बचत योजना का लाभ उठाएं।

दो कर व्यवस्थाओं का विश्लेषण करें

बजट 2022 में दो कर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। आपको उस योजना के साथ जाना चाहिए जो आपके सीए द्वारा उचित विश्लेषण करने के बाद आपके लिए फायदेमंद हो।

आयकर रिटर्न दाखिल करते समय, एक व्यक्ति पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था में या इसके विपरीत स्विच कर सकता है और अपनी सुविधा के अनुसार कर व्यवस्था का फायदा उठा सकता है।

कर कटौती का लाभ उठाने के लिए विश्लेषण करना

कर कटौती का लाभ उठाने के लिए मौजूदा छूट और निवेश की जाँच करें। टैक्स प्लानिंग में जरूरी नहीं कि नई संपत्तियां खरीदना शामिल हो।

आपने कुछ नियमित भुगतानों में निवेश किया होगा जो कर कटौती के योग्य हैं जैसे – जीवन और चिकित्सा बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस, पीएफ फंड में योगदान व अन्य खर्चे जो टैक्स डिडक्शन के दायरे में आते हैं।

यदि आपने वर्षभर में ज्यादा निवेश नहीं किया है तो ये टैक्स डिडक्शन के दायरे में आने वाले खर्चें आपकी सहायता करेंगे।

हालाँकि, आप इन कटौतियों का दावा तभी कर सकते हैं जब आपने वित्तीय वर्ष के 31 मार्च से पहले निवेश किया हो।

टैक्स बचाने के अन्य तरीके खोजें

अगर आप किराए के घर में रहते हैं और आपने किराए का भुगतान किया है, तो आप अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय हाउस रेंट अलाउंस का दावा कर सकते हैं।

इसके अलावा, आप इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम या अन्य टैक्स सेविंग स्कीम जैसे यूलिप, लाइफ इंश्योरेंस आदि में निवेश कर सकते हैं और काफी टैक्स बचाने के लिए प्रॉपर प्लानिंग कर सकते हैं।

भारत में कानूनी रूप से आयकर बचाने के अन्य बेस्ट तरीके:

  • होम लोन लेने के मामले में टैक्स कटौती
  • बचत खाता ब्याज के माध्यम से आय पर टैक्स छूट
  • जीवन बीमा पॉलिसी से प्राप्त धन पर आयकर छूट
  • शेयरों या म्यूचुअल फंड पर लाभांश के रूप में प्राप्त राशि पर छूट
  • कृषि से आय पर विभिन्न सेक्शन के तहत इनकम टैक्स की छूट
  • राष्ट्रीय पेंशन योजना में अतिरिक्त योगदान पर आयकर छूट
  • साझेदारी फर्म में लाभ का वितरण पर टैक्स छूट
  • व्यावसायिक यात्रा व्यय पर इनकम टैक्स कटौती
  • स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के तहत प्राप्त राशि पर छूट

इनके अलावा भी आप बहुत सारी इनकम टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं, यह आपके विभिन्न प्रकार के खर्चों, निवेश और आय के स्रोत पर निर्भर करता है। टैक्स कटौती की बेस्ट एडवाइस के लिए आप अपनी लेखा टीम या सीए से संपर्क कर ज्यादा से ज्यादा इनकम टैक्स बचा सकते है।