होल्डिंग कंपनी क्या है? (Holding Company kya hai)

एक व्यावसायिक कानूनी इकाई, आमतौर पर एक निगम (Corporation) या लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (LLC) जो किसी अन्य कंपनी के 51% से अधिक शेयरों या हिस्सेदारी की मालिक है, होल्डिंग कंपनी कहलाती है।

साधारण शब्दों में, एक बिजनेस एंटिटी या व्यावसायिक इकाई की 51% या उससे ज्यादा हिस्सेदारी किसी अन्य बिजनेस एंटिटी के द्वारा एक्वायर (अधिग्रहित) करने पर, उसे वर्तमान बिजनेस एंटिटी की होल्डिंग कंपनी कहा जाता है।

वह कंपनी जो अपने शेयर होल्डिंग कंपनी को देती है, होल्डिंग कंपनी की सहायक कंपनी (Subsidiary Company) कहलाती है। एक होल्डिंग कंपनी को अंब्रेला या मूल कंपनी भी कहा जाता है।

एक होल्डिंग कंपनी आमतौर पर स्वयं वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन नहीं करती है और कोई उत्पाद या सेवाएं नहीं बेचती है या कोई अन्य व्यावसायिक परिचालन गतिविधियों का संचालन नहीं करती है बल्कि, अन्य कंपनियों यानी सहायक कंपनियों में नियंत्रण शक्ति रखती है।

होल्डिंग कंपनी का मुख्य उद्देश्य एक कॉर्पोरेट ग्रुप बना करके अपनी सब्सिडरी कंपनियों की सहायता से अपने बेस्ट प्रोडक्ट व सर्विस की मदद से लोगों के लाइफस्टाइल व जीवन स्तर को बेहतर बनाना होता है। आप प्रोपराइटरशिप फर्म के बारे में भी जान सकते है।

होल्डिंग कंपनी क्यों बनाएं? (Why Form a Holding Company?)

होल्डिंग कंपनी मुख्य रूप से सब्सिडरी कंपनी को कंट्रोल करने और उनकी संपत्तियों को मैनेज करने के लिए बनाई जाती है जैसे – बौद्धिक संपदा, व्यापार रहस्य, अचल संपत्ति, पेटेंट, ट्रेडमार्क, स्टॉक और अन्य संपत्तियां।

पैरेंट या मूल कंपनी सब्सिडरी कंपनी की नीतियों को नियंत्रित कर सकती है और प्रबंधन निर्णयों की देखरेख कर सकती है लेकिन दिन-प्रतिदिन की संचालन गतिविधियों (operations activities) को नहीं चलाती है।

हालांकि, एक होल्डिंग कंपनी अन्य कंपनियों की संपत्ति की मालिक होती है, यह अक्सर केवल निरीक्षण क्षमता रखती है और बाजार की आवश्यकता के अनुसार अपने प्रोडक्ट बेस्ड डिसीजन के आधार पर नए सुधार करती है।

यह शेयरधारकों के लिए जोखिम को कम करती है और कई अलग-अलग कंपनियों के स्वामित्व और नियंत्रण की अनुमति दे सकती है। यह आमतौर पर अन्य कंपनियों को नियंत्रित करने के एकमात्र उद्देश्य के लिए बनाई जाती है।

कई व्यवसाय मालिकों के पास कई प्रकार के बिजनेस या स्टार्टअप होते हैं। यदि आप उस स्थिति में हैं, तो आप एक होल्डिंग कंपनी को एक समग्र इकाई के रूप में स्थापित करने पर विचार कर सकते हैं। ऐसा करने का कारण व्यवसायों की देनदारी को अलग रखना और उन्हें एक साथ प्रबंधित करना होगा।

होल्डिंग कंपनी सबसे पहले अमेरिका में अस्तित्व में आई। यह एंटी-ट्रस्ट कानून द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को दूर करने और एक नियंत्रण या एक छत के नीचे एक से अधिक व्यवसायों को ठीक से प्रबंधित करने के लिए लाया गया एक बेहतरीन विचार था।

होल्डिंग कंपनी पैसा कैसे कमाती है? (How to Holding Company Make Money?)

एक होल्डिंग कंपनी सामान्यतः व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं करती है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यवसाय को अच्छी तरह से प्रबंधित और स्केल करना है। तो प्रश्न उठता है कि होल्डिंग कंपनी पैसा कैसे कमाती है?

ये कंपनियां ज्यादातर खुद से पैसा नहीं कमाती हैं बल्कि अपनी सहायक कंपनियों यानी सब्सिडरी कंपनियों से कमाई करती हैं, जैसे –

  • सहायक कंपनियों से अर्जित ब्याज, लाभांश या लाभ।
  • कोई भी सेवा जो यह परिचालन या सहायक कंपनियों को प्रदान करती है।
  • संपत्ति की बिक्री और खरीद या सहायक कंपनियों व खुद की होल्डिंग से।

ऐसी सभी चीजें पहले से तय होती हैं। दोनों कंपनियां एक समझौते पर हस्ताक्षर करती हैं जिसमें ये सभी चीजें शामिल होती हैं और ऑपरेटिंग कंपनी का बजट भी शामिल होता है। लाभ का अनुपात, निवेश, प्रबंधकीय प्रक्रिया, निर्णय लेने की शक्ति, विपणन व्यय और आय के अन्य स्रोत समझौते में शामिल होते हैं।

होल्डिंग कंपनी के लाभ (Advantages of Holding Company)

होल्डिंग कंपनी कानून की नजर में एक अधिकृत और अलग व्यावसायिक कानूनी इकाई होने के नाते, मुख्य रूप से इसके 15 फायदे हैं जिनकी हम नीचे चर्चा कर रहे हैं जिनमें सेपरेट लीगल एंटिटी, लिमिटेड लायबिलिटी होल्डिंग कंपनी के प्रमुख फायदे हैं।

  1. एक होल्डिंग कंपनी एक पंजीकृत और कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त इकाई है, इसलिए यह अन्य कंपनियों से अलग है।
  2. इसे बनाना काफी आसान है। प्रमोटर खुले बाजार में शेयर खरीद सकते हैं। सहायक कंपनी के शेयरधारकों की सहमति की आवश्यकता नहीं है।
  3. एक होल्डिंग कंपनी किसी व्यवसाय की मूल्यवान संपत्ति रख सकती है। इन परिसंपत्तियों में संपत्ति, बौद्धिक संपदा, उपकरण आदि शामिल हो सकते हैं।
  4. होल्डिंग कंपनियों को नुकसान से सुरक्षा का लाभ मिलता है। यदि कोई सहायक कंपनी दिवालिया हो जाती है, तो होल्डिंग कंपनी उसकी देनदारियों के लिए जिम्मेदार नहीं होती है।
  5. आमतौर पर, होल्डिंग और सहायक कंपनियों का प्रबंधन होल्डिंग कंपनी के निदेशकों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह एक केंद्रीकृत प्रबंधन संरचना प्रदान करती है जो इसके प्रदर्शन और विकास को अधिकतम करने की अनुमति देता है।
  6. अच्छे प्रबंधन और नियंत्रण के कारण सहायक कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ती है और अच्छे परिणाम मिलते हैं।
  7. होल्डिंग और सहायक कंपनियों के वित्तीय संसाधनों को एक साथ जोड़ा जा सकता है। कंपनी अपनी लाभप्रदता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर परियोजनाएं शुरू कर सकती है।
  8. होल्डिंग कंपनी अपने जोखिम और देनदारियों को कई कंपनियों को उचित योजना के साथ वितरित कर सकती है।
  9. सहायक कंपनी ब्रांड नाम और होल्डिंग कंपनी की मुहर का उपयोग करके एक अलग पहचान बना सकती है।
  10. इससे गुप्त एकाधिकार (secret monopoly) का निर्माण हो सकता है। ये गुप्त एकाधिकार प्रतिस्पर्धियों को खत्म करने और नई कंपनियों के प्रवेश को रोकने की कोशिश कर सकते हैं।
  11. होल्डिंग कंपनी अन्य कंपनियों को किसी भी दिवालिया होने के कानूनी मुद्दों से बचाती है।
  12. होल्डिंग और सहायक कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा से बचा जा सकता है यदि वे व्यवसाय की एक ही पंक्ति में हैं।
  13. होल्डिंग कंपनी और सहायक कंपनियों की खरीद और बिक्री को केंद्रीकृत किया जा सकता है। यह थोक खरीद के कारण मात्रा में छूट और बेहतर क्रेडिट शर्तों का लाभ उठा सकती है।
  14. होल्डिंग कंपनी ऑपरेटिंग कंपनी के कर की कुल राशि को कम करने में मदद करती है। प्रबंधन विदेशों में एक होल्डिंग कंपनी बनाने का निर्णय ले सकता है जहां कॉर्पोरेट टैक्स कम है।
  15. गोपनीयता को बनाए रखा जा सकता है क्योंकि अथॉरिटी और निर्णय लेने में होल्डिंग कंपनी की एप्रोच केंद्रीकृत मानी जाती है। यह प्रतिकूल प्रचार से अपनी रक्षा कर सकती है।

दो मुख्य तरीके हैं जिनके माध्यम से निगम (corporations) होल्डिंग कंपनी बन सकते हैं। एक है अधिक स्टॉक या शेयर प्राप्त करके किसी अन्य कंपनी में पर्याप्त मतदान अधिकार प्राप्त करना। दूसरा तरीका है एक नई कंपनी बनाना और उस कंपनी के सभी या उसके 51% से ज्यादा हिस्से को अपने पास रखना।

होल्डिंग कंपनी के प्रकार (Types of Holding Companies)

होल्डिंग कंपनी को मुख्य रूप से सहायक कंपनी की मूल कंपनी माना जाता है। किसी भी अन्य कंपनी में होल्डिंग के अनुसार कई प्रकार की होल्डिंग कंपनी होती है जिसके बारे में हम नीचे चर्चा कर रहे हैं।

पैरेंट होल्डिंग कंपनी (Parent Holding Company)

जब कोई कंपनी वर्तमान कंपनी के शेयर खरीदती है या किसी नई कंपनी के शेयर खरीदती है और पूर्ण नियंत्रण करके संचालन व प्रबंधन में भाग लेती है, तो मूल या पैरेंट होल्डिंग कंपनी कहलाती है।

ऑफस्प्रिंग होल्डिंग कंपनी (Offspring Holding Company)

यह कई अन्य कंपनियों को प्रबंधित करने और नई बनाई गई एक कंपनी के हाथों में व्यवसाय के स्वामित्व को स्थानांतरित करने के लिए बनाई गई कंपनी है। सभी प्रबंधन और निर्णय लेने की शक्ति केवल एक नियंत्रित कंपनी के हाथ में होती है।

शुद्ध होल्डिंग कंपनी (Pure Holding Company)

अन्य कंपनियों में स्टॉक रखने के एकमात्र उद्देश्य के लिए बनाई गई कंपनी को शुद्ध होल्डिंग कंपनी कहा जाता है। अनिवार्य रूप से, यह एक या अधिक कंपनियों को नियंत्रित करने के अलावा किसी अन्य व्यवसाय में भाग नहीं लेती है और यह वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन भी नहीं करती है।

मिश्रित होल्डिंग कंपनी (Mixed Holding Company)

मिश्रित होल्डिंग कंपनियां अपना खुद का व्यवसाय संचालित करती हैं, अन्य कंपनियों या उपभोक्ताओं के लिए वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन करती हैं और अन्य कंपनियों में शेयर भी रखती हैं। इसे होल्डिंग-ऑपरेटिंग कंपनी के रूप में भी जाना जाता है।

इमीडिएट होल्डिंग कंपनी (Immediate Holding Company)

एक कंपनी दूसरे व्यवसाय में स्टॉक की मालिक होती है जो पहले से ही एक तीसरी कंपनी के स्वामित्व में है उसे इमीडिएट होल्डिंग कंपनी कहा जाता है। नियंत्रक कंपनी तीसरी कंपनी की सहायक कंपनी भी हो सकती है, जो अंतिम होल्डिंग कंपनी होगी।

इंटरमीडिएट होल्डिंग कंपनी (Intermediate Holding Company)

जहां दोनों कंपनियां होल्डिंग कंपनी की स्थिति में हैं, वे इंटरमीडिएट होल्डिंग कंपनी कहलाती है। कंपनी “ए” कंपनी “बी” की मालिक है और “बी” कंपनी “सी” और “डी” की मालिक है, कंपनी “बी” एक मध्यवर्ती या इंटरमीडिएट होल्डिंग कंपनी कहलाती है। यह कंपनी “ए” और कंपनी “सी” और “डी” के बीच मध्यस्थ है।

होल्डिंग कंपनी के उदाहरण (Examples of Holding Company)

अल्फाबेट इंकAlphabet Inc
सोनी कॉर्पोरेशनSony Corporation
मेटा इंकMeta Inc
रिलायंस कॉर्पोरेशनReliance Corporation
यूनिलीवर पीएलसीUnilever plc
पतंजलि आयुर्वेदPatanjali Ayurved
बर्कशायर हैथवे इंकBerkshire Hathaway Inc
बजाज फिनसर्व लिमिटेडBajaj Finserv Ltd.
टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशनTata Investment Corporation
आदित्य बिड़ला कैपिटलAditya Birla Capital

एक होल्डिंग कंपनी एक अलग मूल कंपनी है जो एक सहायक कंपनी या कंपनियों में नियंत्रित हित के लिए बनाई गई है, चाहे वे अन्य कंपनियां हों, सीमित देयता भागीदारी या सीमित देयता कंपनियां हों। यह आवश्यक रूप से स्वयं व्यापार नहीं करती है। इसका मुख्य उद्देश्य एक कॉर्पोरेट समूह बनाना है।

आमतौर पर, एक होल्डिंग कंपनी वस्तुओं और सेवाओं को सीधे खरीदने या बेचने के बजाय विशेष रूप से संपत्ति, निवेश और प्रबंधन से संबंधित होती है। इसके पास अन्य कंपनियों की देखरेख और प्रबंधन की जिम्मेदारी के साथ कुशल मैनेजमेंट व डिसीजन मेकिंग के आधार पर लोगों को बेस्ट सर्विस देने की जिम्मेदारी भी होती है।