हम हमेशा गरीब क्यों रहते हैं?

दोस्तों, हम हमेशा गरीब क्यों रखते हैं?, हम हमेशा पीछे क्यों रहते है? कभी आपने इसके बारे में सोचा हैं, नहीं। क्योंकि हमें टाइम नहीं मिलता, हमें गप्पे लड़ानी हैं, हमें नशा करने की आदत से फुर्सत नहीं मिलती हैं, सेक्सुअल मानसिकता से हम कभी ऊपर उठ ही नहीं पाते हैं।

हम हमेशा गरीब क्यों रहते हैं?

कभी आपने सोचा हैं कि नशा करने से क्या होता हैं? नशा करने से हमारी सोचने-समझने और काम करने की शक्ति खत्म होती हैं। इस कारण आज भारत की लगभग 60% आबादी 55 से 60 साल की उम्र के बाद बेरोजगार हैं।

जिस उम्र में हमें हजारों-लाखों रुपए कमाने चाहिए, उस उम्र में हम अपनी गलत आदतों के कारण बेरोजगार हो जाते हैं और कमजोरी और बीमारीयों का शिकार हो जाते हैं और रोतें रहते है कि हम गरीब क्यों है? (Why are we always poor in the life?)

आपको यह जरूर जानना चाहिए कि जीवन में पैसे कमाने के लिए क्या महत्वपूर्ण है? आप निश्चित रूप से अपने जीवन व करियर में सफलता प्राप्त कर पाएंगे और कभी भी आपको पैसों की कमी नहीं होगी।

हम ज्यादातर तीन गलतियों के कारण हमेशा गरीब रहते हैं –

  1. टाइम पास करना।  
  2. नशा करना।
  3. सेक्स के झंझट में उलझे रहना।

इन तीनों गलतियों के कारण हम धीरे धीरे अपने जीवन में निराशा और हताशा महसूस करने लगते हैं और बाद में यह हताशा और निराशा घोर आपराधिक मानसिकता में बदल जाती हैं जो ना तो हमें अंदर से शांति दे सकती हैं और ना ही हमारे परिवार को सुकून दे सकती हैं।

यह मानसिकता हमेशा हमारे जीवन में परेशानी का कारण बनी रहती है और कभी भी हमारा पीछा नहीं छोड़ती हैं क्योंकि हम इन तीनों गलतियों के गंभीर रूप से आदी हो चुके होते हैं। इस कारण हम हमेशा लगभग इन गलतियों के आसपास ही घूमते रहते हैं, हमेशा दूसरों को कोसते रहते हैं और आरोप लगाते रहते हैं।

इन तीनों गलतियों के कारण हम हमेशा परेशान रहते हैं और आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं। हम हमारे बच्चों पर दबाव बनाते हैं कि पैसे कमाओं, जिस उम्र में हमारे बच्चों को सपोर्ट की जरूरत होती हैं उस उम्र में उन्हें काम के बोझ में डाल देते हैं और उन पर दबाव बनाते हैं कि पैसे कमाएं।

जिसके कारण वे आगे नहीं बढ़ पाते और हमेशा दबाव में जीवन व्यतीत करते हैं और बाद में वे भी हमारी देखा-देखी करते हुए इस प्रक्रिया को पीढ़ी दर पीढ़ी चलाते रहते हैं जो बहुत गलत हो रहा हैं। वे कभी भी बिजनेस नहीं कर पाते, ज्यादा पैसे नहीं कमा पाते हैं और सोचते रहते हैं कि क्या मैं एक बिजनेस शुरू कर सकता हूं?

इसलिए आज हमारे देश में बहुत सारे संसाधन होते हुए भी हम गरीब राष्ट्र क्यों हैं? क्योंकि हम इन संसाधनों का सही प्रयोग नहीं कर पाते, हमें शुरुआत से ही ऐसा माहौल मिला है जहां पर हमेशा नकारात्मकता हैं और आत्मविश्वास को बढ़ाने की कोशिश कोई नहीं करता हैं, इसे हर कोई दबाने की कोशिश करता हैं इस कारण हम गरीबी और हताशा के दलदल में पड़े रहते हैं और हम इन संसाधनों का सही से प्रयोग नहीं कर पाते हैं।

अगर कोई इस दलदल से निकलने की कोशिश करता हैं तो हजारों लोग उसे दबाने की कोशिश करते हैं। जो व्यक्ति कमजोर होता हैं वह हमेशा के लिए अपने आप को दबाएं रखता हैं और आगे बढ़ने की कभी भी कोशिश नहीं करता हैं।

मेरे दोस्तों, इस चक्कर से बाहर निकलों, बेवजह टाइम पास की आदत को बदलों, नशा करना बंद करों, सेक्स के झंझट को एक लिमिट तक सीमित रखने की कोशिश करों। हां, मैं मानता हूं कि प्रकृति ने मेल-फीमेल को एक दूसरे के प्रति आकर्षित होने की शक्ति प्रदान की हैं लेकिन साथ ही हर किसी को कंट्रोल रखने की शक्ति भी प्रदान की हैं। इस दुविधा से बाहर निकलने का प्रयास करें।

हां, मैं मानता हूं कि जीवन में खुश रहने और बैलेंस बनाएं रखने के लिए टाइम पास करना भी बहुत जरूरी हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप हमेशा दो, तीन, चार, पांच, छ: घंटे टाइम पास के नाम पर खराब करेंगे। खुश रहने के लिए हमेशा आधा घंटा या एक घंटा निकालकर अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर हंसी मजाक कर सकते हैं।

जीवन में संतुलन बनाएं रखने और प्रकृति को चलाएं रखने के लिए सेक्सुअल अट्रैक्शन बहुत आवश्यक है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप हमेशा इसके बारे में सोचते रहे या अपने आपको बेवजह के तनाव में डालें। इस आकर्षण से बचने के लिए हमारे पास सिर्फ दो ही रास्तें हैं 1. दिमाग को एक दिशा दे की मुझे इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना है और 2. अपने आपको हमेशा व्यस्त रखें।

नशा तो किसी भी हालत में नहीं करना हैं लेकिन हमारे आसपास का वातावरण ऐसा हैं की ना चाहते हुए भी हमें इसकी लत लग ही जाती हैं। तो दोस्तों इसका एक ही समाधान हैं कि आप जितना हो सके इस माहौल से बचे, उन लोगों से जितना हो सके दूर होने की कोशिश करें और सफलता प्राप्त करने के लिए शुरुआती मार्गदर्शन के बारे में जानकर एक नई शुरुआत करें।

अगर आप नशा करेंगे तो शुरुआत के दो-तीन महीनों तक आपको अच्छा महसूस होगा लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे आपकी सोचने समझने की शक्ति कम होने लगेगी, आप कमजोरी महसूस करने लगेंगे और बाद में यह कमजोरी आपकी मजबूरी बन जाएंगी। यह कमजोरी आपको ज्यादा नशा करने पर मजबूर करेगी और 50 साल की उम्र के बाद यह आपके लिए बहुत बड़ी मुसीबत बन जाएंगी फिर आप इसे चाहते हुए भी नहीं छोड़ पाएंगे।

आज के हमारे 90% युवा यही तीनों गलतियां करते हैं। शुरुआत में उन्हें इन गलतियों के बारे में ना तो घरवालें बताते हैं और ना हमारा एजुकेशन सिस्टम इसीलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि अब आप जहां पर भी हैं, चाहे आप छात्र है, युवा है या बुजुर्ग, अपने आपको वही रोकें और सोचें कि –

मैं आज जहां पर भी हूं, ये गलतियां कितनी भी मेरे ऊपर हावी हैं, मैं इनको धीरे-धीरे दूर करने की कोशिश करूंगा और कुछ समय बाद इनको पूरी तरह से अपने जीवन से खत्म कर दूंगा। तभी आप खुद अंदर से आत्म सम्मानित और हल्का महसूस करेंगे। अपने परिवार और आसपास के लोगों को अपनी खुशी और संतुष्टि रूपी खुशबू से सुगंधित कर पाएंगे।

यही गरीबी मिटाने का एकमात्र समाधान है। अगर आप इन तीनों गलतियों को बार-बार करने से नहीं बचते हैं या नहीं छोड़ सकते तो मैं आपको गारंटी देता हूं कि आप कभी भी बहुत ज्यादा पैसे नहीं कमा सकते। आप कुछ पैसा कमा सकते हैं और अपना गुजारा कर सकते हैं लेकिन अदंर से संतुष्टि और बाहर से प्रतिष्टा प्राप्त नहीं कर सकते।