अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए फंड प्लानिंग कैसे करें?

पेरेंट्स अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए हमेशा चिंतित रहते हैं और वे अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी एजुकेशन शिक्षा प्रदान करना चाहते हैं लेकिन आज प्रोफेशनल एजुकेशन इतनी महंगी हो गई है कि मिडिल क्लास और लॉअर क्लास के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना बहुत कठिन काम हो गया है।

इस प्रकार, एक विविध निवेश पोर्टफोलियो माता-पिता को कम जोखिम और उचित योजना के साथ अपने बच्चे के सपनों को पूरा करने के लिए एक स्पष्ट दृष्टि प्रदान कर सकता है और वित्तीय परेशानी के बिना अपने बच्चे के बेहतर शैक्षिक भविष्य को सुनिश्चित कर सकता है।

मोनिका और आर्यन एक 8 साल के बच्चे के माता-पिता हैं, जिनका लक्ष्य अपने बेटे को डॉक्टर बनाना है। वे अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए पर्याप्त बचत करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, ज्यादा कमाई और बचत नहीं होने के कारण उन्हें बेटे के भविष्य की चिंता सता रही है कि क्या वे जरूरत पड़ने पर एमबीबीएस फीस की मांग को पूरा कर पाएगें।

अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए फंड प्लानिंग कैसे करें?

वार्षिक आधार पर एजुकेशन की लागत लगभग 10% से बढ़ रही है और सामान्य इन्फ्लेशन रेट भी लगातार बढ़ रहा है। तो, क्या मोनिका और आर्यन (पेरेंट्स) अपने बच्चे के भविष्य की उचित योजना बना सकते हैं और अपने व बच्चे के सपनें को पूरा कर सकते हैं आइए जानते हैं इसके बारे में।

सही करियर की प्लानिंग

हायर एजुकेशन दिन-ब-दिन बहुत महंगी होती जा रही है। आज तो प्राइवेट सेक्टर में प्राइमरी और सेकेंडरी एजुकेशन भी बहुत एक्सपेंसिव हो गई है। हायर एजुकेशन के बाद कोचिंग करना भी बहुत ज्यादा एक्सपेंसिव हो गया है इसीलिए अपने बच्चे के लिए सही करियर प्लान करना चाहिए।

भारत में मेडिकल स्कूल के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग बहुत महंगी है। मोनिका और आर्यन को इस तरह की कोचिंग का खर्च उठाने में सक्षम होने के लिए अभी से बचत करना शुरू कर देना चाहिए।

लक्ष्य आधारित निवेश प्लानिंग

अपने बच्चे को उचित शिक्षा प्राप्त करने के लिए लक्ष्य आधारित निवेश पोर्टफोलियो बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, आप समय-समय पर अपने विशिष्ट उद्देश्य के लिए रिटर्न को ट्रैक कर सकते हैं और जहां आवश्यक हो, अपनी बचत या नए निवेश के माध्यम से उचित कदम उठा सकते हैं।

मोनिका और आर्यन का बेटा अभी 8 साल का है और उसकी उच्च शिक्षा के लिए निवेश करने का यह सही समय है। यह देखते हुए कि वह 16 साल की उम्र में एमबीबीएस की तैयारी शुरू कर देगा, उसके माता-पिता के पास बचत और निवेश करने के लिए लगभग 8 साल का समय हैं।

शिक्षा मुद्रास्फीति पर विचार करना

अपने बच्चे के भविष्य को बेहतर करने के लिए पेरेंट्स को व्यापक मुद्रास्फीति के साथ एजुकेशन इन्फ्लेशन रेट पर भी विचार करना चाहिए क्योंकि वार्षिक आधार पर एजुकेशन इन्फ्लेशन रेट लगभग 10% से बढ़ रही है।

मान लीजिए, आज एमबीबीएस की लागत 30 लाख रुपये है, तो 10% शिक्षा मुद्रास्फीति को देखते हुए, यह दस साल बाद लगभग 78 लाख रुपये के करीब होगी। मोनिका और आर्यन को 10 साल बाद करीब 78 लाख रुपये की जरूरत होगी। इस आधार पर उन्हें हर महीने लगभग ₹40,000 की बचत करनी होगी।

अलग-अलग निवेश पोर्टफोलियो बनाना

अपने बच्चे और अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए, आप अलग-अलग निवेश पोर्टफोलियो बना सकते हैं और विभिन्न लक्ष्यों के अनुसार पैसा जमा कर सकते हैं जैसे –

  • स्टॉक, ईटीएफ, म्यूचुअल फंड के जरिए इक्विटी में निवेश।
  • रियल स्टेट, गोल्ड, सिल्वर, कमोडिटी, स्टार्टअप आदि में निवेश।
  • एनपीएस, पीपीएफ, पीएफ जैसे फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश।
  • वैकल्पिक परिसंपत्तियां जैसे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ईटीएफ में निवेश।

आपकी मासिक आय चाहे कुछ भी हो, अगर आप अपने बच्चे के शैक्षिक भविष्य के लिए हर महीने 10 से 20% की बचत करते हैं, तो आने वाले 10 से 15 वर्षों में आपके बच्चे की उच्च शिक्षा में कोई समस्या नहीं होगी।

जहां तक कुछ बेहद महंगे प्रोफेशनल कोर्स की बात है तो आपको कुछ पैसों की ही जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए आप किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन ले सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण सलाह

जीवन अनिश्चित है, इसलिए माता-पिता को एक टर्म पॉलिसी लेनी चाहिए। टर्म पॉलिसी किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उनके परिवार को आपातकालीन वित्तीय सहायता प्रदान करने में सहायक होगी, इसलिए टर्म पॉलिसी लेना न भूलें। एक आदर्श टर्म प्लान वार्षिक आय का 10X होना चाहिए।

टर्म प्लान के अतिरिक्त पेरेंट्स के पास एक हेल्थ इंश्योरेंस होना चाहिए। एजुकेशन महंगी होने के साथ मेडिकल इलाज भी बहुत महंगा हो गया है इसीलिए इससे बचने के लिए हर परिवार को परिवार के हर सदस्य के लिए स्वास्थ्य बीमा करवाना चाहिए।