फ्रेंचाइज के प्रकार व फ्रेंचाइजी लेने के फायदें

किसी भी बिजनेस के विस्तार के लिए फ्रेंचाइजी बिजनेस मॉडल एक अच्छा आईडिया हो सकता है लेकिन फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाने से पहले आपको फ्रेंचाइज कितने प्रकार की होती है, फ्रेंचाइज के प्रकार, Types of Franchises in Hindi, फ्रेंचाइजी की कैटेगरी व फ्रेंचाइजी लेने के विभिन्न फायदों के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए।

फ्रेंचाइज के प्रकार (Types of Franchises)

फ्रेंचाइज एक प्रकार का बिजनेस लाइसेंस एग्रीमेंट है जो किसी अन्य व्यक्ति को वर्तमान एक्जिस्टिंग बिजनेस ब्रांड के नाम से व्यापार करने की सुविधा प्रदान करता है। आप अपनी सुविधा के लिए फ्रेंचाइज मॉडल क्या है और फ्रेंचाइजी कैसे बने? के बारे में भी जान सकते हैं।

फ्रेंचाइजी मुख्यतः चार प्रकार की होती है (There are mainly four types of franchises) 1. जॉब और सर्विस फ्रेंचाइज, 2. प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग फ्रेंचाइज, 3. बिजनेस फॉर्मेट फ्रेंचाइज, 4. प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइज।

जब कोई मौजूदा बिजनेस ब्रांड बहुत तेजी से आगे बढ़ना चाहता है तो वह फ्रैंचाइजी मॉडल की मदद लेता है। ये फ्रेंचाइज के प्रकार अलग-अलग बिजनेस मॉडल और इंडस्ट्री के अनुसार अलग-अलग होते हैं।

इसके साथ ही बिजनेस के विभिन्न प्रकार के अनुसार इनकी भी अलग-अलग कैटेगरी होती है। जिसकी डिमांड मार्केट की आवश्यकता के अनुसार बिजनेस के नेचर और सेक्टर के अनुसार भिन्न होती है।

तो आइए, जानते हैं फ्रेंचाइज के मुख्य प्रकार (Types of Franchises in Hindi) के बारे में। यदि आप वर्तमान में एक अच्छी तरह से स्थापित बिजनेस ब्रांड हैं तो आप इच्छुक लोगों को फ्रेंचाइज की पेशकश कर सकते हैं।

जॉब और सर्विस फ्रेंचाइज (Job and Service Franchise)

एक जॉब फ्रेंचाइज आमतौर पर घर आधारित बिजनेस या कम निवेश वाली फ्रेंचाइज होती है जिसे एक ऐसे व्यक्ति द्वारा लिया जाता है जो अकेले या कुछ कर्मचारियों के साथ व्यवसाय शुरू करना चाहता है।

फ्रेंचाइजी को केवल फ्रेंचाइज शुल्क और न्यूनतम स्टार्टअप लागत जैसे उपकरण, बुनियादी सामग्री आदि देने की आवश्यकता होती है और वह अपना बिजनेस शुरु कर सकता है।

जॉब फ्रेंचाइज उन व्यवसायों द्वारा प्रदान की जाती है जो सर्विस सेक्टर की क्ष्रेणी में आते है जैसे – इवेंट प्लानिंग, ट्रेवल एजेंसी, रोजगार एजेंसी, कंसलटिंग एजेंसी, शिपिंग सेवा एजेंसी, रिपेयरिंग सेवा, साफ-सफाई आदि कामों की फ्रेंचाइज के द्वारा लोगों को अलग-अलग जगहों पर सुविधा प्रदान करवाई जाती है।

प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग फ्रेंचाइज (Product Manufacturing Franchise)

इस फ्रेंचाइज मॉडल में कंपनी अपने प्रोडक्ट बनाने की अनुमति फ्रेचाइजी को प्रदान करती है। फ्रेंचाइजी कंपनी के अनुसार प्रोडक्ट बनाएंगा और बिजनेस नाम की लेबलिंग कर बाजार में बेच देगा या फ्रेंचाइजर कंपनी को दे देगा।

इस बिजनेस मॉडल में फ्रेंचाइजी को फ्रेंचाइजर द्वारा प्रोडक्ट बनाने की ट्रेनिंग प्रदान की जाती है, जहां आवश्यक होता है वहां कच्चा माल भी प्रदान करवाया जाता है। फ्रेंचाइजी को प्रोडक्ट बनाने के लिए कंपनी द्वारा बताई गयी पूरी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। 

इस प्रकार के फ्रेंचाइजी मॉडल में दोनों पार्टियों के बीच एक एग्रीमेंट होता है जिसमें फ्रेंचाइजर द्वारा तय अग्रिम शुल्क देने के साथ बेची गई इकाइयों या प्रोडक्ट्स पर कमीशन निश्चित किया जाता है।

इस कमीशन को प्रोडक्ट्स को बेचने के बाद तय समय में फ्रेंचाइजर के पास जमा करवाना पड़ता है और दोनों पक्षों को एग्रीमेंट में तय सभी शर्तों का पालन करना पड़ता है।

बिजनेस फॉर्मेट फ्रेंचाइज (Business Format Franchise)

जब फ्रेंचाइजर अपने बिजनेस का ट्रेडमार्क, बिजनेस नाम, बिजनेस प्रक्रिया और उत्पाद को बेचने के लिए किसी को फ्रेंचाइज मॉडल ऑफर करता है तो उसे बिजनेस फॉर्मेट फ्रेंचाइज कहते है।

इस फ्रेंचाइज मॉडल के माध्यम से लेने वाले व्यक्ति यानी फ्रेंचाइजी को वो सभी अधिकार प्रदान किये जाते है जो एक बिजनेस मालिक के पास होते है। बिजनेस शुरू करने और ग्रोथ हासिल करने के लिए शुरूआती मार्गदर्शन बिजनेस ऑनर (मालिक) के द्वारा बताए जाते हैं।

यह फ्रेंचाइज मॉडल सभी फ्रेंचाइज मॉडल में सबसे लोकप्रिय माना जाता है। इस मॉडल में प्रत्येक ब्रांच पर समान उत्पाद व सेवा मिलती है। एक ही प्रकार के उत्पादों और सेवाओं के कारण, कीमते हर जगह समान होती है, इसलिए ग्राहक को कीमतों पर मोलभाव करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है।

फ्रेंचाइजी के लिए बड़ी बात यह है कि अनुभवी फ्रेंचाइजर द्वारा समर्थन, सलाह और प्रशिक्षण दिया जाता है। सलाह और अच्छी ट्रेनिंग किसी व्यवसाय की सफलता में बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है।

प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइज (Product Distribution Franchise)

उत्पाद चालित फ्रेंचाइज आपूर्तिकर्ता-डीलर संबंधों पर आधारित होती हैं, जहां फ्रेंचाइजर द्वारा अपने उत्पादों को बेचने की अनुमति प्रदान की जाती है।

इस Franchise में कंपनी के प्रोडक्ट फ्रेंचाइजी द्वारा कमीशन पर लिए जाते है। कंपनी द्वारा Franchisee को अपना कस्टमर बेस प्रदान किया जाता है और अपने बिजनेस के उद्देश्य को पूरा करने के लिए सभी प्रकार की मार्केटिंग सहायता प्रदान की जाती है।

इस फ्रेंचाइज में फ्रेंचाइजर अपने बिजनेस का नाम, ट्रेडमार्क का प्रयोग करने की अनुमति प्रदान करता है और सभी प्रकार की सहायता प्रदान करता है जो एक बिजनेस को प्रोडक्ट बेचने के लिए चाहिए जैसे – मार्केटिंग का सामान, कस्टमर सपॉर्ट, न्यूनतम स्टार्टअप लागत आदि।

इस प्रकार की फ्रेंचाइज में निवेश बिजनेस फॉर्मेट फ्रेंचाइज की तुलना में कम होता है इस कारण यह स्वतंत्र ठेकेदारों, घरेलू व्यवसायों या पहली बार बिजनेस शुरु करने वालो के लिए एक बढ़िया विकल्प हो सकता है।

फ्रेंचाइजी लेने के फायदें (Benefits of taking a Franchise)

फ्रेंचाइज लेने का सबसे बड़ा फायदा एक बड़ी कंपनी के साथ बिजनस करने का मौका मिलता है जिससे आप  उस कंपनी की तकनीक एवं संरचना में रहकर आसानी से पैसे कमा सकते है।

यदि आप किसी अच्छी कम्पनी की Franchise लेते है तो आपको मार्केट के अन्दर Advertisement करने की जरुरत नही पड़ेगी क्योकि बहुत से कस्टमर्स तो उस कम्पनी के नाम से ही आ जायेंगे।

कंपनी के प्रोडक्ट का मूल्य फिक्स होता है इसलिए मार्केट के अन्दर उस प्रोडक्ट के मूल्य में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं आता है इस कारण नुकसान होने की संभावना कम रहती है। Product का मूल्य ब्रांड की वजह से हमेशा स्थिर बना रहता है।

फ्रेंचाइज मॉडल बिना किसी परेशानी के फ्रेंचाइजर और फ्रेंचाइजी दोनों के लिए लाभ का सौदा होता है और वर्ष के अंत में बैलेंस शीट में यह मॉडल हमेशा प्रॉफिट वाला होता है।

यदि आप एक अच्छी तरह से स्थापित व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो आप अपने क्षेत्र में किसी भी लोकप्रिय बिजनेस ब्रांड की फ्रेंचाइजी लेकर शुरुआत कर सकते हैं। यह आपको कम लागत पर और बिना अतिरिक्त तनाव के लाभ अर्जित करेगा।

थोड़ी सी लागत में आप बिना किसी परेशानी के बिजनेस शुरु कर सकते है क्योकि खुद का बिजनेस शुरु करना मुश्किल काम होता है और सफल होने में बहुत ज्यादा निवेश और समय की आवश्यकता होती है।