फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग क्या है और इसके लाभ व फायदें

क्या आप एक छोटे निवेशक हैं और महंगे और अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको जल्द ही फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग (Fractional Share Trading) के जरिए महंगे शेयरों का एक छोटा सा हिस्सा खरीदने का मौका मिलेगा।

हाल ही में कंपनी लॉ कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में देश में फ्रैक्शनल शेयरों को अनुमति देने की सिफारिश की है ताकि देश के छोटे निवेशकों को महंगे शेयरों के एक छोटे से हिस्से में जल्द ही निवेश करने का मौका मिल सके।

फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग क्या है (Fractional Share Trading kya hai)

जो निवेशक किसी अच्छे महंगे शेयर को नहीं खरीद पाते हैं उनके लिए स्टॉक मार्केट में निवेशकों की इन्वेस्टमेंट कैपेसिटी के अनुसार किसी महंगे शेयर के एक हिस्से को खरीदने का अवसर देना फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग कहलाता है।

अन्य शब्दों में, देश के छोटे निवेशकों द्वारा अपनी निवेश क्षमता के अनुसार बड़े स्टॉक का एक छोटा सा हिस्सा खरीदना फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग (आंशिक शेयर ट्रेडिंग) कहलाता है।

फ्रैक्शनल ट्रेडिंग में किसी कंपनी के 1 शेयर को कई भागों में बांटा जाता है और यह शेयर बाजार में निवेशकों के लिए खरीदने और बेचने के लिए उपलब्ध होते है, इसलिए आप अपनी सुविधा के अनुसार ₹100 का निवेश करके किसी अच्छे स्टॉक का एक हिस्सा भी खरीद सकते हैं।

भारत में शेयरों में निवेश करने की न्यूनतम इकाई एक शेयर होती है, यानी आपको किसी कंपनी का कम से कम 1 शेयर (Stock) खरीदना होता है, इसलिए कई निवेशक बहुत महंगे शेयर नहीं खरीद पाते हैं। आप जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल बॉन्ड के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

अमेरिका, ब्रिटेन की तर्ज पर छोटे निवेशकों का निवेश के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए भारत में फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग यानी आंशिक शेयर ट्रेडिंग को लागू करने की पेशकश की जा रही है।

फ्रैक्शनल ट्रेडिंग के जरिए आप Amazon, Google, MRF, Tata, Reliance जैसी स्टॉक मार्केट में लिस्टेड टॉप 100 कंपनियों के महंगे शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।

यह सब Fractional Trading के माध्यम से संभव होगा क्योंकि यहां, आप अपनी निवेश क्षमता के अनुसार किसी भी बड़े स्टॉक का एक छोटा सा हिस्सा खरीदने की क्षमता रखेंगे।

एक Fractional Share स्टॉक की एक इकाई को संदर्भित करता है जो पूर्ण शेयर नहीं है। ये शेयर स्टॉक स्प्लिट्स, बोनस शेयरों और इसी तरह की कॉरपोरेट क्रियाओं से आते हैं, इसलिए इन्हें बाजार में खरीदा और बेचा नहीं जा सकता है, लेकिन आप भारत में फ्रैक्शनल ट्रेडिंग के लागू होने के बाद किसी विशेष शेयर का एक हिस्सा खरीद सकते हैं।

फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग से निवेशकों को लाभ व फायदे

  • छोटे निवेशकों का स्टॉक मार्केट के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।
  • छोटे निवेशक अपनी निवेश क्षमता के अनुसार बड़े और महंगे स्टॉक्स को खरीदने में सक्षम होगे।
  • अगर आपके पास फ्रैक्शनल शेयर्स हैं तो आपकी लाभ-हानी उसी अनुपात में होगा।
  • अगर कोई कंपनी डिविडेंड की घोषणा करती है तो फ्रैक्शनल शेयरहोल्डर्स को भी इसका फायदा मिलेगा।
  • एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) को भी फ्रैक्शनल शेयर्स के रूप में खरीदा-बेचा जा सकता है।
  • स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट बढ़ने के कारण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी।
  • आपको अपने निवेश पर ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
  • अच्छे स्टॉक में निवेश होने के कारण आपका पैसा सुरक्षित होता है।
  • निवेश की संभावना के कारण कई सारे रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

पिछले कुछ समय से शेयर बाजार के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को देखते हुए फ्रैक्शनल स्टॉक ट्रेडिंग की अनुमति देना एक बेहतरीन पहल है जिससे निवेशकों का शेयर बाजार में अगले कुछ वर्षों में बचत करने के बजाय शेयरों में निवेश करने का रुझान बढ़ेगा।

अमेरिका, जापान, ब्रिटेन समेत कई विकसित देशों में फ्रैक्शनल शेयरों की ट्रेडिंग पहले से होती आ रही है।

यदि इसकी अनुमति भारत में मिल जाती है तो रिटेल इनवेस्टर्स को हाई-वैल्यू शेयरों में पैसा लगाने का मौका मिलेगा, जिससे शेयर बाजार में भारी धन आएगा और हमारी अर्थव्यवस्था को ओर ज्यादा मजबूती मिलेगी।

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कुल मिलाकर, छोटे और नए निवेशकों के लिए फ्रैक्शनल स्टॉक ट्रेडिंग एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। उन्हें अपने पोर्टफोलियो में टॉप रेटेड स्टॉक कंपनियों के शेयर देखने को मिल सकते हैं।