Finance kya hai (वित्त क्या है) और फाइनेंशियल सेक्टर में अवसर

आज हम फाइनेंस यानी वित्त की दुनिया में जी रहे हैं और फाइनेंस क्या है, Finance kya hai, वित्त क्या है, What is Finance in Hindi, फाइनेंस में कौन से टॉपिक शामिल होते हैं और फाइनेंशियल सेक्टर में क्या-क्या अवसर होते हैं? इनके बारे में हमेशा सर्च करते रहते हैं, तो आज हम इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से इन सभी प्रश्नों के उत्तर जानेंगे।

वित्त व फाइनेंस क्या हैं? (What is Finance in Hindi)

किसी व्यक्ति, कंपनी या सरकार द्वारा पैसों का लेनदेन करना और उन पैसों का उचित प्रबंधन करना फाइनेंस कहलाता है। किसी से पैसे लेना या स्वयं की बचत को प्लानिंग कर कहीं दूसरी जगह इन्वेस्ट करना वित्तीय प्रक्रिया कहलाती है।

फाइनेंस के प्रकार (वित्त के प्रकार) – पर्सनल, कॉर्पोरेट व पब्लिक फाइनेंस

किसी से पैसे उधार लेकर या खुद का फंड लगाकर पूरी प्लानिंग से कहीं दूसरी जगह इस उद्देश्य के साथ निवेश करना कि यह फंड कुछ समय बाद हमें पॉजिटिव रिजल्ट प्रदान करेगा या किसी के हित के लिए पैसे लगाना कि यह कुछ समय बाद हमारे समाज और देश के लिए पॉजिटिव रिजल्ट प्रदान करेंगे, यह पूरी प्रक्रिया वित्त की श्रेणी में आती है।

फाइनेंस (वित्त) में कौनसे टॉपिक शामिल होते हैं?

वित्त को धन के प्रबंधन के रूप में परिभाषित किया गया है और इसमें निवेश करना, उधार लेना, उधार देना, बचत करना और वित्तीय पूर्वानुमान जैसी गतिविधियां शामिल है।

फाइनेंस में वे सभी टॉपिक शामिल होते हैं जो पैसों के दृष्टिकोण से हमारा गुजारा करने के लिए आवश्यक होते हैं जैसे –

  1. हमारी आय।
  2. हमारी बचत।
  3. किसी से उधार लेना।
  4. किसी को उधार देना।
  5. रोजमर्रा के खर्चे।
  6. निवेश करना।
  7. धन प्राप्त करना।
  8. बिजनेस शुरू करना।
  9. किसी को दान देना।
  10. किसी से दान लेना।
  11. खुद के ऊपर निवेश करना।
  12. हमारी जरूरतों के लिए सभी खर्चे।

ये सभी फाइनेंस की परिभाषा के अंदर आते है। आप ऊपर दिये गये इन सभी बिंदुओं को किसी कंपनी या सरकार के दृष्टिकोण से भी देखकर जोड़ सकते हैं। कंपनी या सरकार के द्वारा धन से संबंधित जो भी लेनदेन किये जाते है, उन सभी को फाइनेंस की परिभाषा में शामिल किया जाता है।

हमारे द्वारा धन से संबंधित कोई भी लेनदेन जो हमारे हित के लिए या समाज, देश और दुनिया के हित के लिए किये जाते है, वे भी फाइनेंस की परिभाषा में आते है इसलिए सिर्फ यह कहना कि वित्त केवल निवेश को कहते हैं, बिल्कुल गलत है।

फाइनेंशियल सेक्टर में अवसर (Opportunities in Financial Sector)

फाइनेंस पैसों से संबंधित पूरी प्रक्रिया को परिभाषित करता है इसलिए यह एक बहुत बड़ा सेक्टर माना जाता है जिसे हम फाइनेंशियल सेक्टर कहते हैं। इस सेक्टर में नौकरियों के अवसर भी बहुत है तो बिजनेस करने के अवसर भी बहुत है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में वित्तीय सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान होता है।

पैसों के प्रबंधन की इस कला ने नौकरीयों के अलावा अनेक नए अवसरों को जन्म दिया है। फाइनेंस सेक्टर बहुत विस्तृत क्षेत्र माना जाता है इसलिए यहां अवसरों की गिनती करना मुश्किल है।

कैपिटल मार्केट, कमोडिटी मार्केट, कॉरपोरेट फाइनेंस, कमर्शियल बैंकिंग, इंश्योरेंस जैसे सेक्टर मिलकर इस सेक्टर को नए ढंग से परिभाषित कर रहे हैं।

वास्तविकता में फाइनेंस सर्विसेज वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रस्तावित उत्पादों और सेवाओं से मिलकर बनी होती है। यह क्रेडिट कार्ड, इन्वेस्टमेंट, लोन, इंश्योरेंस, स्टॉक ब्रोकिंग, मनी मैनेजमेंट से जुड़ा क्षेत्र है।

टॉप 5 बेस्ट सरकारी बैंक और टॉप 5 बेस्ट प्राइवेट बैंक

इस सेक्टर में कई अवसर मौजूद हैं जिनमें कैपिटल मार्केट, कमोडिटी मार्केट, कॉरपोरेट फाइनेंस, मनी मैनेजमेंट, इंश्योरेंस मैनेजमेंट, फॉरेक्स मैनेजमेंट, रिटेल बैंकिंग, कमर्शियल बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, इक्विटी रिसर्च एंड सेल्स आदि शामिल हैं।

एक दशक पहले फाइनेंशियल प्लानर या वेल्थ मैनेजर जैसी नौकरियां अस्तित्व में नहीं थी। वैश्विक अर्थव्यवस्था के विस्तार ने फाइनेंस सेक्टर को विस्तृत और व्यापक बनाया है।

अब यह क्षेत्र केवल सीए, कंपनी सेक्रेटरी और प्रोबेशनरी ऑफिसर की नौकरियां तक सीमित नहीं है, बल्कि पोर्टफोलियो मैनेजर, इक्विटी एनालिस्ट, क्रेडिट रेटिंग एनालिस्ट, कॉरपोरेट एडवाइजर, रिस्क मैनेजर, रिसर्च एनालिस्ट, मर्चेंट बैंकर, फंड मैनेजर, स्टॉक ब्रोकर, स्टॉक एक्सचेंज मैनेजर जैसे विकल्प वित्त बाजार के पेशेवरों के लिए उपलब्ध है।

इसके साथ ही यह क्षेत्र कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, फाइनेंस, गणित और मैनेजमेंट पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों का स्वागत कर रहा है। भारत की टॉप 500 कंपनियां ही नहीं बल्कि एमएसएमई और छोटे रिटेल बिजनेस भी बहुत ज्यादा फाइनेंस के उम्मीदवारों को हायर करते हैं।

बैंक, म्यूच्यूअल फंड, पेंशन फंड, प्राइवेट इक्विटी कंपनीयां, इंश्योरेंस कंपनियां, स्टॉक ब्रोकिंग फर्म, क्रेडिट रेटिंग एजेंसीयां, सिक्योरिटी रिसर्च फर्म आदि के दरवाजे इन उम्मीदवारों के लिए खुले है।

रिटेल, कॉरपोरेट, इन्वेस्टमेंट, रिसर्च, एनालिटिक्स, असेट मैनेजमेंट, सिक्योरिटी ब्रोकिंग का नॉलेज रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यहां खुलकर कमाई के अवसर मौजूद है।

वित्तीय क्षेत्र का उपयोग परिसंपत्तियों के मुक्त प्रवाह की मदद से राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए किया जाता है। जब वित्तीय क्षेत्र और किसी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो इससे क्रय शक्ति और उपभोक्ता का आत्मविश्वास बढ़ता है।

वित्तीय सेवाओं में विभिन्न वित्तीय फर्म शामिल हैं, जैसे इन्वेस्टमेंट हाउस, बीमा कंपनियां, लेखा सेवा, बैंक, वित्त कंपनियां, ऋणदाता और रियल एस्टेट ब्रोकर आदि।

इस सेक्टर में बहुत संभावनाएं हैं, बस काम करने वाला व्यक्ति होना चाहिए। आप अपने अनुभव के अनुसार नौकरी कर सकते है या बिजनेस कर सकते है। वित्तीय सेक्टर को पैसों वाला सेक्टर कहा जाता है इसलिए यहां कमाई के असीमित अवसर मौजूद है।