ब्याज पर पैसा देने के नियम

ब्याज पर पैसा देकर कैसे अच्छी कमाई करें, ब्याज पर पैसा देने के लिए किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है, क्या ब्याज पर पैसा देना कानूनी है या गैर कानूनी, ब्याज पर पैसा देने का लाईसेंस यानी Money Lending License कैसे बनाएं, ब्याज पर पैसा देने का काम कैसे शुरू करें, तो आज के इस जबरदस्त आर्टिकल में इन सभी सवालों के जवाब आपको मिलेंगे।

ब्याज पर पैसा देने के नियम

आज के समय में इस काम को एक बिजनेस के रूप में किया जाता है। ब्याज पर पैसा देने के लिए आपके पास कुछ योग्यता होनी चाहिए और सरकार द्वारा लागू किए गए इसके नियमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए तो चलिए सबसे पहले इसके नियमों के बारे में जानते है –

भारतीय संविधान की 7वी अनुसूची की सूची नंबर 2 की एंट्री 30 के अनुसार “राज्य विधानमंडल के पास पैसे उधार देने से संबंधित गतिविधियों पर कानून बनाने का अधिकार है”। इसके अनुसार सभी राज्यों के पास अपने नियम बनाने का अधिकार है।

नियम 1 – भारतीय सविंदा अधिनियम 1872 की धारा 10 के अनुसार अगर आप किसी इंसान को ब्याज पर पैसा देते हो इसके लिए आपको उस इंसान से लिखित रूप में लिखवा लेना चाहिए जिसमें लिए गए पैसे, पैसे कैसे लिए गए हैं, पैसे वापस देने का समय, ब्याज की दर आदि इन सभी चीजों की जानकारी होनी चाहिए।

नियम 2 – आप जिस व्यक्ति को पैसा दे रहें हैं वो बालिग होना चाहिए यदि व्यक्ति नाबालिग पाया जाता है तो आपका पैसा जीरो माना जाएगा और किसी भी व्यक्ति को ब्याज पर पैसे देते समय उसको जांच लें कि उसकी हालत सही है या नहीं मतलब वह व्यक्ति नशे, या अन्य किसी परेशानी में तो नहीं है। ऐसा होने पर सरकार द्वारा आपको कोई मदद नहीं मिलेगी।

नियम 3 – जब आप किसी व्यक्ति को ब्याज पर पैसा दें तो जान लें कि वो इस पैसे को कहां इस्तेमाल करेगा। यदि उस व्यक्ति ने आप से लिए गए पैसे को किसी इल्लीगल काम में इस्तेमाल कर लिया तो आप को भी इस इल्लीगल काम में जिम्मेदार माना जा सकता और आप पर भी कानूनी कार्यवाही हो सकती है।

ब्याज पर पैसा देना कानूनी है या गैर कानूनी

इंडिविजुअल मनी लेंडिंग यानी ब्याज पर पैसा देने का काम भारत में अवैध है। यदि आपके पास ब्याज पर पैसा उधार देने का लाइसेंस है तो ही आप भारत में पैसे ब्याज पर दे सकते हैं या ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस कर सकते हैं अन्यथा नहीं।

फाइनेंसियल इंस्टिट्यूट लिखित रूप से सरकार द्वारा तय ब्याज दर से ज्यादा ब्याज नहीं ले सकते हैं। यह रजिस्टर्ड संस्थाओं पर या लाइसेंस होल्डर पर एक ऊपरी लिमिट है लेकिन यह लिमिट एक इंडिविजुअल्स या बिना लाइसेंस वाले व्यक्ति पर अप्लाई नहीं होती है, वे अपनी आपसी सहमती से एग्रीमेंट के जरिए पैसे ब्याज पर दें और ले सकते हैं।

जब तक कोई भी व्यक्ति अपने राज्य के मनी लेंडर्स एक्ट के तहत दिए गए लाइसेंस के अनुपालन में नहीं होते हैं, तब तक किसी को मनी लेंडिंग व्यवसाय संचालित करने की अनुमति नहीं है।

ब्याज पर पैसा देने के लिए ब्याज दर क्या होनी चाहिए?

ब्याज पर पैसा देने के लिए ब्याज दर की कोई निश्चित सीमा तय नहीं है। एक बार जब आप एक समझौते या वचन पत्र को निष्पादित करते हैं, जिसमें आप किसी विशेष ब्याज दर पर ऋण चुकाने के लिए सहमत होते हैं, तो आप इससे बाध्य होते हैं।

साहूकार अधिनियम (Money Lending Act) के अनुसार, ऋण पर अत्यधिक ब्याज नहीं लगाया जा सकता है। सामान्य ब्याज जो प्रभार्य होगा, 24% प्रति वर्ष तक सीमित होगा।

सरकार एक ही अधिनियम के तहत सुरक्षित और असुरक्षित ऋण दोनों के लिए अधिकतम ब्याज दर निर्धारित करने के लिए अधिकृत है।

उदाहरण के लिए, Karnataka Prohibition of Charging Exorbitant Interest Act 2004 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति 18% प्रतिवर्ष की दर से अधिक ब्याज पर पैसे नहीं दे सकता। यदि वह 18% प्रतिवर्ष की दर से ज्यादा ब्याज लेता है या देता है तो वह कानूनी रूप से दंडनीय होगा, जिसमें 3 साल तक की जेल हो सकती है और ₹30,000 तक का जुर्माना भी हो सकता है।

ब्याज पर पैसा देने का लाइसेंस कैसे बनाएं?

इसके लिए आपके पास एक मनी लैंडिंग लाइसेंस (Money Lending License) होना चाहिए। इस लाइसेंस के लिए अप्लाई करने के लिए आपकी योग्यता 10वी होनी चाहिए, आपकी उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए तथा जहां इसके लिए आवेदन कर रहें हैं आप उसी जिले के निवासी होने चाहिए।

मनी लैंडिंग लाइसेंस बनाने के लिए आप अपने जिले की तहसील में आवेदन कर सकते हैं या किसी एडवोकेट, सीए के जरिए भी बनवा सकतें हैं। इसके लिए आपके पास निम्न दस्तावेज होने चाहिए।

  • एप्लीकेशन फॉर्म
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आधार कार्ड या पहचान पत्र
  • राशन कार्ड, पैन कार्ड
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • 10th की मार्कशीट
  • बैंक खाता पासबुक
  • इलेक्ट्रिसिटी बिल

ब्याज पर पैसा देने का लाइसेंस (Money Lending License) को प्राप्त करने के बाद आप कानूनी तौर पर इस कार्य को कर सकते हैं। इस लाइसेंस को प्रत्येक वर्ष रिन्यू करवाना होता हैं जिसमें तीन हजार से पांच हजार रूपए तक का खर्च आता है।