बैलेंस्ड एडवांटेज फंड सभी बाजार परिस्थितियों में स्थिरता प्रदान क्यों करते हैं

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड निवेशकों के बीच उनकी स्थिरता और बेहतर रिटर्न के कारण बहुत लोकप्रिय बने हुए हैं। क्या आप भी सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं तो आपको बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स (Balanced Advantage Funds) में अवश्य निवेश करना चाहिए।

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड का परिचय (Introduction of Balanced Advantage Fund)

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड एक प्रकार के हाइब्रिड फंड हैं जो इक्विटी और डेट दोनों प्रकार के निवेश इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं इसलिए एसेट एलोकेशन पर कोई प्रतिबंध नहीं होता है।

ये फंड बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अपने परिसंपत्ति आवंटन को भी बदल सकते हैं क्योंकि किसी विशेष परिसंपत्ति वर्ग (Asset Class) के लिए कोई न्यूनतम और अधिकतम सीमा तय नहीं है। इन फंड्स के समान ही इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) भी स्थिर और बैलेंस रिटर्न प्रदान करने की कोशिश करते हैं।

कुछ बड़े बैलेंस्ड एडवांटेज फंड के पास एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अन्य सक्रिय इक्विटी फंडों की तुलना में अधिक होते है। बैलेंस्ड एडवांटेज फंड बाजार की स्थितियों के आधार पर ऋण और इक्विटी के बीच परिसंपत्ति आवंटन (Asset allocation) को सक्रिय रूप से पुनर्संतुलित करते हैं।

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स पर रिटर्न (Return on Balanced Advantage Funds)

हमारे अनुभव के आधार पर पिछले 15 वर्षों में लगभग सभी फंड व्यापक बाजार से कम गिरे हैं। अगर निवेशकों ने लॉन्ग टर्म यानी कम से कम पांच साल तक अपने पैसे को निवेश करके रखा तो एक-दो एसेट एलोकेशन फंड को छोड़कर उन्होंने कभी भी पैसा नहीं गंवाया।

  • पिछले एक दशक में कैलेंडर वर्ष 2011 में निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई जो -23.81% रही।
  • इस अवधि के दौरान आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल (ICICI Prudential) बैलेंस्ड एडवांटेज फंड का रिटर्न लगभग -8.77% रहा।
  • फ्रैंकलिन इंडिया (Franklin India) डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड का रिटर्न भी लगभग -5.44% रहा।
  • एडलवाइस बैलेंस्ड एडवांटेज (Edelweiss Balanced Advantage) फंड का रिटर्न लगभग -2.26% रहा।
  • कुछ गिरावट के बावजूद, ये फंड बाजार के नकारात्मक माहौल से बचने में सक्षम रहे और अपने निवेशकों को संतुलित रिटर्न देने में सफल रहे हैं।
  • पिछले 5 साल के रिटर्न की बात करें तो इन फंड्स का औसत रिटर्न 12.08-31.04 प्रतिशत तक रहा है। यह रिटर्न अलग-अलग इन्वेस्टमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है।

अगर आप 5 साल से ज्यादा लॉन्ग टर्म निवेश करते हैं तो आपको ये फंड अच्छा रिटर्न दे सकते हैं लेकिन निवेश करने से पहले आपको इन म्यूचुअल फंड्स के बारे में प्रॉपर जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए और पूर्ण विश्लेषण करने के बाद ही निवेश विकल्प को चुनना चाहिए।

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड सभी बाजार परिस्थितियों में स्थिरता प्रदान क्यों करते हैं?

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स में, फंड हाउस फंड पोर्टफोलियो में इक्विटी के अनुपात पर निर्णय लेने के लिए उचित निवेश मॉडल का पालन करते हैं। ये मॉडल स्टॉक वैल्यूएशन में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न मापदंडों पर आधारित हैं, जिसमें प्राइस-टू-अर्निंग (पी/ई) रेशों, प्राइस-टू-बुक (पी/बी), आदि शामिल होते हैं।

इस तरह के मॉडल के माध्यम से, बाजार की स्थितियों के आधार पर पोर्टफोलियो में इक्विटी को शामिल या बाहर करने और फंड रिटर्न व जोखिम में स्थिरता लाने का निर्णय लिया जाता है। आप इक्विटी फंड के विभिन्न प्रकार के बारे में जान सकते है।

जब इक्विटी वैल्यूएशन उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे हों, तो फंड मैनेजर इक्विटी में एक्सपोजर बढ़ा सकते हैं, जबकि इक्विटी वैल्यूएशन या स्टॉक मार्केट में गिरावट होने पर वे इसे सीमित कर सकते हैं।

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड न केवल ग्रोथ और निश्चित आय के साधनों का मिश्रण प्रदान करते हैं, बल्कि अन्य फंडों के विपरीत, वे गतिशील रूप से परिसंपत्ति वर्गों के बीच स्विच कर सकते हैं इसलिए, बैलेंस्ड फंड को डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड के रूप में भी जाना जाता है।

अधिकांश बैलेंस्ड एडवांटेज फंड फंड हाउस की इन-हाउस रणनीति के आधार पर इक्विटी में लगभग 65-80% निवेश करते हैं और शेष डेट या मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते है।

शेयरों में निवेश करते समय, सबसे अच्छी रणनीति यह है कि जब दूसरे लालची हों तो भयभीत हो जाएं और जब दूसरे भयभीत हों तो लालची बनें।

वॉरेन बफेट

सरल शब्दों में, इसका मतलब है कि जब बाजार में गिरावट हो तो अधिक निवेश करें और अगर जब बाजार बहुत तेज हो या नई ऊंचाईयों को छू रहा हो तो सतर्क रहें और बाजार का विश्लेषण करें।

चूंकि ये फंड मुख्य रुप से इक्विटी में निवेश करते हैं, इसलिए ये आपके पोर्टफोलियो में डेट की जगह नहीं ले सकते। लेकिन, आपके निवेश जोखिम को कम करने और आपको संतुलित रिटर्न देने का पूरा प्रयास किया जाता है।

इन फंडों में वैल्यूएशन मॉडल का पालन किया जाता हैं, जो यह नियंत्रित करता हैं कि उनके पोर्टफोलियो में इक्विटी के अनुपात को कब बढ़ाया या घटाया जाए। म्यूचुअल फंड के विभिन्न प्रकार के आधार पर इन फंड्स का वैल्यूएशन कर सकते हैं।

ये इक्विटी और आर्बिट्रेज निवेश के माध्यम से महत्वाकांक्षी रिटर्न के लाभ के साथ-साथ निवेश के उद्देश्य को पूरा करने के लिए निश्चित रिटर्न की सुरक्षा प्रदान करते हैं।

एक फंड मैनेजर अपने बेस्ट अनुभव व विवेक के आधार पर यह तय करता है कि किस स्टॉक में निवेश करना है एवं इक्विटी में कब प्रवेश करना है और कब बाहर निकलना है, लेकिन ध्यान रहें यह तय करने में फंड मैनेजरों की भूमिका सीमित होती है।

आप अपनी सुविधा के अनुसार इन फंडों में निवेश कर सकते हैं। आप सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) सिस्टम के जरिए निवेश कर सकते हैं या फिर एकमुश्त निवेश विकल्प भी चुन सकते हैं।

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड सभी प्रकार के निवेशकों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं इसलिए अगर आप कम जोखिम लेने वाले नए निवेशक है या फिर अनुभवी हैं और बहुत ज्यादा जोखिम ले सकते हैं तो भी आप इन फंडों को चुनकर निवेश कर सकते हैं और अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश करने के लिए सलाह

अगर आप Balanced Advantage Fund में निवेश करना चाहते हैं तो आपको कम से कम 5 से 7 साल की लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए ताकि आप इन फंडों से बेहतरीन रिटर्न प्राप्त कर सकें और अपने दीर्घकालिक वित्तीय व फाइनेंसियल लक्ष्यों को पूरा कर सकें।

निवेशक बढ़ते बाजारों में अधिक मुनाफा कमाने के लिए इक्विटी फंड में निवेश करते हैं इसलिए जोखिम बहुत अधिक हो सकता है। इस तरह की कार्रवाईयां स्टॉक मार्केट या म्यूचुअल फंड में भारी पड़ सकती हैं लेकिन बैलेंस्ड एडवांटेज फंड जोखिम और निवेश पुरस्कार को संतुलित करते हैं।

अगर आप अपने निवेश से निश्चित और संतुलित आय प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको निश्चित रूप से बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश करना चाहिए। ये फंड आपके पोर्टफोलियो में विभिन्न प्रकार की निवेश प्रतिभूतियों को शामिल करते हैं जो आपको लंबे समय में कमाई के रूप में अच्छा रिटर्न देते हैं।

हालांकि, ये फंड हाइब्रिड फंड का एक प्रमुख प्रकार माना जाता है और कम जोखिम के साथ बैलेंस आउटपुट प्रदान करता है। फिर भी, निवेश करने से पहले आपको बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स के बारे में प्रॉपर रिसर्च करके और पिछले 3 से 5 सालों का रिटर्न देखकर ही निवेश करना चाहिए।