एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्या है एवं इसमें नौकरी के विकल्प

क्या आप अंतरिक्ष में उड़ान भरना चाहते हैं और अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते हैं तो आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग या एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (Aerospace Engineering or Aeronautical Engineering) का कोर्स कर सकते हैं और अपने सपने को पूरा कर सकते है।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्या है? (What is Aerospace Engineering in Hindi)

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग या एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग – इंजीनियरिंग की एक शाखा है जो पृथ्वी के वायुमंडल या अंतरिक्ष में संचालित वाहनों के डिजाइन, विकास, निर्माण, परीक्षण और संचालन से संबंधित है।

एक एयरोस्पेस इंजीनियर की नौकरी में विमान, अंतरिक्ष यान, उपग्रह और मिसाइल डिजाइन करना मुख्य रूप से शामिल है। इनके अलावा शोध व अनुसंधान, विनिर्माण, विश्लेषण और डिजाइन करना भी एयरोस्पेस इंजीनियरों का मुख्य कार्य है।

यह तंत्र अपनी इष्टतमता और विश्वसनीयता के साथ आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसके लिए कई घटनाओं की सटीक सैद्धांतिक और प्रायोगिक समझ और विभिन्न जटिल प्रणालियों के प्रदर्शन पूर्वानुमान की आवश्यकता होती है।

विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए, लगातार बदलते तकनीकी परिदृश्य के कारण अवसरों की भरमार है। आप फोरेंसिक साइंस स्पेशलिस्ट बनकर भी अपना करियर बना सकते हैं।

एआई और मशीन लर्निंग ने हाल के वर्षों में लोकप्रियता हासिल की है, भारत अभी भी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपनी प्रारंभिक अवस्था में है और वैश्विक बाजार भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काफी संभावनाएं देख रहा है।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में कैसे प्रवेश करें?

उम्मीदवारों को अपनी 10 वीं कक्षा की विज्ञान और गणित की परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है।

सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत अंक और आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए 45 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।

अपना पाठ्यक्रम चुनने की सबसे आसान रणनीति यह है कि आप उस एयरोस्पेस के पहलू के बारे में सोचें जिसमें आप सबसे अधिक रुचि रखते हैं।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में, कई पाठ्यक्रम पेश किए जाते हैं 1. डिप्लोमा, 2. बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक), 3. मास्टर ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (एमएई), 5. एयरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स में मास्टर ऑफ साइंस, 6. एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमएससी या पीएचडी प्रोग्राम।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में नौकरी के विकल्प

डिग्री कार्यक्रम के पूरा होने के बाद, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग व एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में नौकरी के कई विकल्प मौजूद होते है। उम्मीदवार प्रति वर्ष 5 से 18 लाख रुपये से शुरू होने वाले वेतन पैकेज की उम्मीद कर सकते हैं और अनुभव के आधार पर 30 लाख रुपये या इससे ज्यादा भी प्राप्त कर सकते है।

एयरोस्पेस इंजीनियरAerospace Engineer
थर्मल डिजाइन इंजीनियरThermal Design Engineer
उड़ान तकनीशियनFlight Technicians
ऑटोमोटिव इंजीनियरAutomotive Engineer
रॉकेट वैज्ञानिकRocket Scientist
सहायक तकनीकी अधिकारीAssistant Technical Officer
गुणवत्ता प्रबंधकQuality Manager
कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरControl and Instrumentation Engineer
मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम इंजीनियरManufacturing Systems Engineer
डिज़ाइन इंजीनियरDesign Engineer
उच्च शिक्षा व्याख्याताHigher Education Lecturer
मेंटेनेंस इंजीनियरMaintenance Engineer
उत्पाद डिज़ाइनरProduct Designer
विमान उत्पादन प्रबंधकAircraft Production Manager

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर स्कॉप (Career Scope in Aerospace Engineering in Hindi)

इस क्षेत्र में कैरियर संभावनाएं की बात कि जाए तो यह क्षेत्र हमेशा बहुत सारी संभावनाओं से भरा हुआ सदाबहार सेक्टर माना जाता है। यहां पर उम्मीदवारों को हताश होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है उन्हें अपनी पसंद और परफॉर्मेंस के अनुसार तुरंत जॉब मिल जाता है।

लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए, उद्योग व बिजनेस तेजी से उड़ान प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रहे हैं, जिससे उनकी कार्य कुशलता कई गुना बढ़ गई है। आप पैराग्लाइडिंग में भी अपना करियर बना सकते है।

एयरोस्पेस उद्योग में इंजीनियरों को अन्य क्षेत्रों के इंजीनियरों की तुलना में अधिक वेतन मिलता है। जॉब और पद अपॉर्चुनिटी की बात की जाए तो उन्हें सबसे हाईएस्ट पद ऑफर किया जाता है

पिछले कुछ दशकों से एयरोस्पेस इंजीनियरों की मांग लगातार बढ़ रही है। जैसे-जैसे मांग बढ़ती है, छात्रों की इस विषय में रुचि भी बढ़ती जा रही है। उच्च वेतन के कारण यह क्षेत्र छात्रों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

एयरोस्पेस इंजीनियर सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र के लिए भी काम कर सकते हैं। एयरोस्पेस इंजीनियरों के पास भारत और विदेशों में काम करने के कई विकल्प हैं। वे अपनी इच्छा के अनुसार नौकरी कर सकते हैं या कोई नई चीज का आविष्कार भी कर सकते हैं।

सफल एयरोस्पेस पेशेवरों के पास आवश्यक शैक्षिक पृष्ठभूमि, उत्कृष्ट संचार कौशल और टीम के साथ काम करने की इच्छा होती है। वे अपने इंटेलिजेंट दिमाग के सहारे मैनेजमेंट स्किल को भी अपने अंदर शामिल कर लेते हैं।

एयरोस्पेस करियर विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला महान नौकरी से संतुष्टि और अच्छे वेतन की संभावनाएं प्रदान करती है इसलिए आप इस क्षेत्र में डिग्री प्रोग्राम पूरा करके नौकरी और व्यवसाय के कई अवसर प्राप्त कर सकते हैं।