6 प्रकार के सुनने के कौशल जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैं

आप करियर के किसी भी मुकाम पर है, सुनने की स्किल आपको विकसित करनी ही पड़ेगी। एक अच्छा श्रोता बनना कठिन काम है। आपको अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के सुनने के स्किल्स (Listening Skills) के बार में अच्छी तरह से जानकारी होनी चाहिए, ताकि इनका उपयोग आप अपने उचित संचार कौशल (कम्युनिकेशन स्किल्स) को बेहतर बनाने में कर सकें।

सुनने की ये सभी आदतें आपके छात्र, व्यवसाय, स्टार्टअप या नौकरी के करियर में बहुत उपयोगी होने वाली हैं क्योंकि इन्हें अपने जीवन में अपनाकर आप एक महान श्रोता बन सकते हैं और धैर्य से सुनकर अपने कामकाज में सुधार कर सकते हैं।

बिजनेस कैरियर में इफेक्टिव कम्युनिकेशन के लिए अच्छी तरह से सुनने की आवश्यकता होती है। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं तो आपको कई सारे लॉस हो सकते हैं और हो सकता है कि आप किसी विशेष कार्य को अच्छी तरह से सुनने के अभाव में गलत तरीके से कर बैठे।

करियर के किसी भी मुकाम पर आपको बेहतरीन लिसनिंग स्किल्स कई सारे फायदा करने वाली है। बेहतरीन कस्टमर रिलेशन, उत्पादकता में वृद्धि, अच्छी तरह से सूचनाओं का आदान-प्रदान, समझने वाले को आसानी, परफेक्शन के साथ कार्य, बेहतरीन टीम मैनेजमेंट आदि के अलावा भी बहुत तरीकों से यह स्किल आपकी मदद करने वाली है।

आइए जीवन में हमेशा आगे बढ़ने के लिए बेस्ट लिसनिंग स्किल्स यानी बेहतरीन सुनने की सबसे अच्छी आदतें और कौशल के बारे में जानते हैं जो आपको हमेशा दूसरों से दो कदम आगे रखेंगी और आप हमेशा के लिए एक अच्छा प्रफॉर्मर बन पाएंगे।

6 प्रकार के सुनने के कौशल जो आपकी जिंदगी बदल सकते हैः

  • सूचनात्मक – इनफॉरमेशनल यानी सूचनात्मक सुनने की स्किल में आपको सामने वाले से किसी भी प्रकार की सूचनाएं प्राप्त होती है और आप उनके आधार पर अपने नॉलेज को बढ़ा सकते हैं और एक्ट कर सकते हैं।
  • भेदभावपूर्ण – डिस्क्रिमिनेटिव यानी भेदभावपूर्ण सुनने की स्किल में आपको किसी से पक्षपात की सूचनाएं मिलती है और आप उनके अनुसार किसी के पक्ष और विपक्ष में एक्ट करते हैं।
  • सहानुभूति – सहानुभूतिपूर्वक सुनने में वक्ता की भावनाओं को समझने की कोशिश करना शामिल है। सहानुभूति किसी अन्य व्यक्ति से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ महसूस करने का एक तरीका है।
  • आलोचनात्मक – क्रिटिकली यानी आलोचनात्मक स्किल में वक्ता किसी अन्य व्यक्ति या आप स्वयं की आलोचना कर सकता है और उसे स्वीकार करना आपके लिए या किसी भी व्यक्ति के लिए थोड़ा डिफिकल्ट होता है।
  • पक्षपातपूर्ण – इस माध्यम से कोई भी जानकारी पक्षपातपूर्ण तरीके से आप तक पहुँचती है और उचित कार्रवाई करने के लिए आपको सही और गलत का अनुमान लगाना होता है।
  • सराहना – यह सुनने की एक विशेष शैली है जिसमें आप अपना पूरा ध्यान स्पीकर पर देते हैं और बदले में प्रशंसा पाते हैं। इस कला में, एक व्यक्ति किसी आवश्यकता को पूरा करने में मदद करने के लिए दूसरों का आभार व्यक्त करता है।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि दूसरे लोग क्या व्यक्त करने की कोशिश कर रहे हैं। यदि आप ठीक से नहीं सुनते और समझते हैं तो आपके रिश्ते खराब हो सकते हैं और उनके दृष्टिकोण से कार्य न करके कुछ अलग करने की संभावना बढ़ जाती है।

ये सभी स्किल आप स्वयं कभी न कभी जाने-अनजाने में प्रयोग करते हैं और आपके आसपास के लोग और आपके फैमिली मेंबर भी इन स्किल्स को कई बार संवाद करते हुए प्रयोग में लाते हैं।

इसीलिए, यह नहीं कहा जा सकता कि आप इन सभी सुनने की आदतों से परिचित नहीं है बल्कि आपमें ये सभी आदतें जन्मजात होती है और ऑटोमेटिक अमल में आ जाती है।

छात्र जीवन, बिजनेस करियर या नौकरी पेशा में आपको एक बेहतरीन लिस्नर बनना ही पड़ेगा। यह आपके और लीडर के बीच एक बेहतरीन कम्युनिकेशन कड़ी है। जिसके माध्यम से पूरी टीम बिल्ड होती है और एक बिजनेस में आउटपुट के रूप में बेहतरीन रिजल्ट मिलता है।